छत्तीसगढ़ के पच्चीस बरस की उपलब्धियांँ गौरवशाली – मीनल चौबे



रायपुर। छत्तीसगढ़ मित्र और जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रजत छत्तीसगढ़ समारोह में शामिल मुख्य अतिथि महापौर मीनल चौबे ने कहा कि राज्य निर्माण के पच्चीस वर्ष में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है और चहुंँओर प्रगति हुई है। समारोह में विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित थे। महापौर ने डॉ सीमा निगम और डॉ सीमा अवस्थी द्वारा संपादित ‘मेरा छत्तीसगढ़’ किताब के दो खंडों का विमोचन किया। महापौर श्रीमती चौबे ने कहा कि इस समारोह में सौ से अधिक लेखिकाएंँ उपस्थित हैं,जो अपना घर संभालने के बाद अतिरिक्त समय निकालकर महत्वपूर्ण लेखन कर रही हैं। छत्तीसगढ़ का इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति, समाज, धार्मिक स्थल आदि विषयों पर अस्सी से अधिक लेख हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा कि लेखिकाएंँ संवेदना के स्तर पर जाकर लिखती हैं। समारोह में डॉ मोनिका रूसिया की पुस्तक कांँच के चूरी का भी विमोचन हुआ। प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए संयोजक डॉ सुधीर शर्मा ने कहा कि रजत छत्तीसगढ़ में यह पुस्तक अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास है। डॉ सीमा निगम ने संस्था का परिचय और आयोजन के संबंध में जानकारी दी। समारोह अध्यक्ष डॉ सुशील त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दुनिया में लोकप्रिय बताया। वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने छत्तीसगढ़ की महिला लेखकों का लेखन भारतीयता के अनुरूप बताया। इस अवसर पर राज्य अलंकरण से सम्मानित डॉ चित्तरंजन कर और डॉ कुंजबिहारी शर्मा का सम्मान किया गया। समारोह को आदित्य श्रीवास्तव, शशि दुबे, डॉ रश्मिलता मिश्र ने भी संबोधित किया। समारोह का संचालन सुमन शर्मा वाजपेई और आभार डॉ प्रीति प्रसाद ने किया। इस अवसर पर अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया। मेरा छत्तीसगढ़ किताब का प्रकाशन वैभव प्रकाशन रायपुर ने किया है।




