छत्तीसगढ़

आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, आजीविका एवं नवाचार पर दिया गया जोर

गौरेला पेंड्रा मरवाही,  नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में 40 संकेतकों पर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए नीति आयोग के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी शिवम मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, आजीविका एवं नवाचार पर जोर दिया गया। नोडल अधिकारी ने एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और एनक्यूएएस केंद्रों की संख्या बढ़ाने कहा। बैठक में कहा गया पोषण, आजीविका और नवाचार को बढ़ावा देने में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में शत प्रतिशत स्व-सहायता समूहों को जोड़ा जाए। नोडल अधिकारी ने कहा कि स्वसहायता समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम हैं, जिनके जरिए सूक्ष्म उद्यम और सामूहिक व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बैठक में नीति आयोग की नवाचार आधारित परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। सभी विभागों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाओं की पहचान करें, जिनमें तकनीकी हस्तक्षेप, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और समुदाय की भागीदारी से विकास की गति बढ़ाई जा सके। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को समयबद्ध और लक्ष्य-आधारित काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम केवल योजनाओं की प्रगति का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से ग्राम स्तर तक पहुंचाना और लोगों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।
बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। आने वाले महीनों में स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता, आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, विशेष बच्चों की शिक्षा और नवाचार आधारित परियोजनाएं प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताएं रहेंगी। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाने और गर्भवती महिलाओं, शिशुओं व गंभीर मरीजों के लिए बेहतर इलाज और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया ताकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा शिक्षा विभाग से कहा गया कि निशक्त बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।

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