छत्तीसगढ़

जिले में 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी, 399 प्रकरणों में 1.69 लाख क्विंटल जब्त

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कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिला में धान उपार्जन एवं निगरानी कार्य सफलता पूर्वक संपन्न

खरीदी और जप्ती मामले में प्रदेश में पहले पायदान पर रहा महासमुंद जिला

महासमुंद, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला महासमुंद में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले में स्थापित 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 10,00,187.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही।
शासन द्वारा जिले के लिए 11,93,570.00 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया था। गत खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले में 11,04,273.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.43 प्रतिशत कम धान खरीदी दर्ज की गई।
इस वर्ष धान खरीदी हेतु जिले में 1,60,118 किसान पंजीकृत थे, जिनमें से 1,48,418 किसान (92.69 प्रतिशत) ने खरीदी अवधि के दौरान अपना धान विक्रय किया, जो राज्य के औसत 91.22 प्रतिशत से अधिक है। वहीं जिले में 1,09,676 पंजीकृत कृषकों द्वारा धान विक्रय के पश्चात 9,883.24 हेक्टेयर रकबा का समर्पण कराया गया।
अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशन में राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सतत निगरानी की गई। अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 16 जांच चौकियां स्थापित की गईं तथा एसडीएम एवं तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त दल गठित किए गए।
इस सतत निगरानी एवं सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप अवैध धान परिवहन एवं स्टॉकिंग के 399 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 1,69,862 क्विंटल धान जब्त किया गया। जबकि गत वर्ष केवल 184 प्रकरणों में 12,828.15 क्विंटल धान की जब्ती की गई थी। अवैध धान परिवहन के मामलों में जिला महासमुंद प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह संपूर्ण कार्य जिले में पारदर्शिता, अनुशासन और सुगमता के साथ संपन्न हुआ।

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