दांतों एवं ओरल हेल्थ के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाना और लापरवाही बरतना गंभीर बीमारियों को न्योता देने सम्मान : डॉ.नवाज

20 मार्च ओरल हेल्थ डे (मौखिक स्वास्थ्य दिवस) के उपलक्ष्य डॉ.एम.एस.नवाज ने बताया कि दांतों एवं मुंह के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाना लापरवाही बरतना हमारे दांत एवं मुंह के साथ साथ पूरे शरीर को भी नुकसान पहुंचा सकती है मौखिक स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशीलता दिखाना शरीर के लिए भी घातक साबित हो सकता है| क्यों जरूरी है ओरल हेल्थ!कैसे बनाए रखें ओरल!खराब ओरल हेल्थ हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है एवं अन्य कौन कौन सी बीमारी हो सकती है एवं खराब ओरल हेल्थ हमारे सामान्य स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डाल सकती है!क्यों मनाया जाता है ओरल हेल्थ डे! एवं क्यों जरूरी है अच्छी ओरल हेल्थ का होना!सेहत के मामले में सबसे कम ध्यान दिया जाता है वह ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य)है संपूर्ण शरीर के देखभाल हमारे मुंह के जरिए होता है शरीर का मुख्य दरवाजा कहा जाए तो गलत नहीं होगा एक सड़े हुए दांत अन्य दांतो को भी सड़ा सकते है एवं लंबे समय तक सड़े हुए दांत मुंह में रखा जाए,ध्यान नही दिया जाए तो हमारे शरीर में भी संक्रमण फैला सकते है जैसे बदबूदार सांस की समस्या,चेहरे में सूजन,गले एवं गर्दन में संक्रमण जिससे मवाद पस होना जो सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकती है,बुखार और सामान्य कमजोरी जब संक्रमण शरीर में फैलता है तो बुखार और थकान महसूस होना,साइनसाइटिस्जबड़े के पीछे दांतों की जड़ों के पास साइनस होता है दांत का संक्रमण होने सीधे साइनस में पहुंच कर उसे संक्रमित कर सकता है,हृदय रोग मुंह के जीवाणु खून के रास्ते हार्ट तक पहुंच कर हृदय के वाल्व का संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है|आइए जानते है वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे का महत्व!लोगों को मुंह के स्वास्थ्य,दांतों को मजबूत बनाने और मसूड़ों को बीमारियों से दूर रखने एवं मौखिक स्वास्थ्य की देखभाल को प्राथमिकता देने और मुंह से जुड़े बीमारियों को रोकने के महत्व को उजागर करना है,मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रखने के लिए हर साल 20 मार्च को ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है।यह खास दिन न केवल ओरल हाइजिन के महत्व को बताता है बल्कि यह भी बताता है कि हमारा मुंह हमारे स्वास्थ्य के लिया क्यों जरूरी है खराब मौखिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है एक प्यारी सी मुस्कान व्यक्ति का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़ा सकती है डॉ. मो.सबा नवाज ने बताया की हमारे एक स्वास्थ्य मुंह से स्वास्थ्य शरीर सुखी जीवन बनता है!अच्छे दांत होने से हमारे खूबसूरती में चार चांद लगाने के साथ शरीर को निरोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है मुंह के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हम सभी के लिए बहुत ही जरूरी है उन्होंने बताया की चिकित्सा विज्ञान के तेजी से विकास के बावजूद मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के सबसे उपेक्षित अनदेखा की जाने वाली पहलू बनी हुईं है अधिकतम लोग दंत समस्या से पीड़ित है फिर भी उनमें से बहुत कम ही समय पे ईलाज करवा पाते है ज्यादातर लोग दंत चिकित्सक के पास तभी जाते जब दर्द असहनीय न हो अनदेखा करते रहते है दांतों की सड़न,मसूड़ों की बीमारी या दांतों की संवेदनशीलता को अक्सर मामूली समस्या समझ के नजरअंदाज किया जाता है लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो ये गंभीर जटिलताओं का रूप ले सकती है जैसा की पहले बताया कि दांत के संक्रमण से शरीर के अन्य भागों में भी संक्रमण फैल सकती है जिसमें बदबूदार सांस उत्पन्न,हृदय रोग,मधुमेह,प्रेग्नेंसी में समय से पहले जन्म जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है स्वस्थ दांत कोई शौक नहीं ये एक जरूरत है आज दंत चिकित्सा की उपेक्षा करना सिर्फ कल को दांत खोना नहीं बल्कि यह किसी समग्र स्वास्थ्य आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को खतरे में डालने जैसा है!*खराब मौखिक स्वक्षता से होने वाली अन्य बीमारियां!*दिल को खतरा :मसूड़ों की समस्या से हृदय से जुड़ी समस्या का खतरा अधिक बढ़ जाता है!हड्डियों के रोग:मसूड़ों के सूजन,बिल्डिंग और कमजोर मसूड़ों से दांत से जुड़ी हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है जिससे दांत का सहयोग हड्डियों से कमजोर होता और दांत हिलने लगते है समय पर ध्यान नहीं देने से दांत निकालने परते है !कैंसर:खराब ओरल हाइजिन एवं बुरी आदतें जैसे तम्बाकू सिगरेट,खैनी,शराब के सेवन से माउथ कैंसर इत्यादि की संभावना अधिक बढ़ जाती है अल्जाइमर:जबड़ों से जुड़ी नस या सर्कुलेशन के जरिए से ओरल बैक्टीरिया मस्तिष्क तक पहुंच सकते है जिसमें अल्जाइमर का खतरा बढ़ता है जिससे भूलने की बीमारी होती है!डॉ नवाज ने बताया की ओरल हेल्थ को लेकर अभिभावकों में जागरूकता की कमी देखा जाता है*ओरल हेल्थ एवं सामान्य स्वास्थ्य के लिए खास बातें*• दांतों के ऊपर जीवन की लम्बाई टिकी टिकी हुई है• दांतों का स्वास्थ्य तय करता है कि कोई व्यक्ति कितना लंबा जीने वाला है• व्यक्ति के दांत कैसे है कितने है ओरल हेल्थ कितने स्वास्थ्य है ये सारी चीजें जीवन की लम्बाई में अहम योगदान देती है •समय समय पर डेंटल चेकअप करवाते रहना चाहिए दांतों की रिपेयरिंग करवाने से भी लम्बे स्वास्थ्य का लाभ पाया जा सकता है स्वास्थ्य मुंह ही सेहत का आधार हैउन्होंने ने बताया की डायबिटीज(शुगर) के मरीजों को ओरल हेल्थ के प्रति खास ध्यान देने की जरूरत है डायबिटीज में दांत गिरने को आशंका दुगुनी हो जाती है डाइबिटीज का संबंध दांतों से भी है!मधुमेह रोगियों में दांतों के गिरने की आशंका अन्य की तुलना में अधिक होती है क्योंकि ब्लड में शुगर ज्यादा मात्रा में होने के कारण मसूड़ों तक पोषण तत्व नहीं पहुंच पाता जिससे पेरियोडोंटल डिजीज हो जाता है और दांत असमय टूटने लगते है इसीलिए डाइबिटीज से पीड़ित लोगों को ओरल हाइजिन का खास ध्यान देना चाहिए!क्योंकि ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने से मसूड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है ऐसे में डायबिटीज के कारण मसूड़ों में रक्त का संचार कम हो जाता है शुगर की मात्रा ज्यादा होने के कारण मुंह में लार बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है ऐसे में दांतों की बाहरी परत को मजबूत करने वाले जीवाणु से बचाव के लिए जरूरी लार नहीं बन पाते जिस कारण सांसों में बदबू की तकलीफ एवं दांतों में पलक जमना की समस्या अधिक बढ़ जाती है दांत समय से पहले बहुत कम उम्र में ही अधिक कमजोर हो जाते है हिलने लगते है ध्यान नहीं दिया जाए तो दांत एक एक करके गिरने लगते है डॉ. नवाज ने बताया की दांतों की सड़न एक बहुत ही आम समस्या है परन्तु यह मुंह के अंदर होती है और किसी को दिखती नहीं इसीलिए लोग इसे नजरअंदाज करते जाते है लोगों को लगता है ब्रश कर लेना ही ओरल हेल्थ एवं दांतों की देखभाल है पर ऐसा नहीं है! _दांतों की सड़न(कैविटी)चार मुख्य कारणों से होती है_*दांतों की सफाई और दांतों की बनावट* दांतों को ठीक से सफाई नहीं करना सड़न को न्योता देने सम्मान है कुछ लोग के दांत की बनावट सही नहीं है दांत आड़े तिरछे उबर ख़ाबर है दांत एलाइन नहीं होते है उनके दांत जल्दी सड़ते है सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती है ब्रश सभी हिस्सों में नहीं पहुंच पाता है *खान पान*खाद्य पदार्थ जिसमें कार्बोहाइड्रेड और शक्कर की मात्रा अधिक हो उनके दांत सड़ने का खतरा अधिक होता है अगर खाद्य पदार्थ चिपचिपा हो जैसे चॉकलेट ट्रॉफी मिठाई आइस्क्रीम चिप्स इत्यादि के सेवन से दांत सड़ने का खतरा और भी बढ़ जाता है*मुंह में मौजूद बैक्टीरिया* कोई कितना भी सफाई करले हर किसी के मुंह में बैक्टीरिया होते है मुंह में कुछ बैक्टीरिया फायदेमंद होते है जो हानिकारक बैक्टीरिया को रोकते है जबकि अन्य हानिकारक होते है जो दांतों की सड़न बदबूदार सांस मसूड़ों की बीमारी इत्यादि रोग का जन्म एवं बढ़ावा देते है परन्तु मुंह की सफाई कितनी अच्छी तरह से करते है यह तय करता है कि बैक्टीरिया की तादाद बढ़ेगी या घटेगी और अगर तादाद बढ़ेंगे तो क्या उनके लिए सड़न पैदा करने वाले कारक मौजूद है कुछ भी खाने चबाना बंद करते ही बैक्टीरिया(जीवाणु) अपना काम शुरू कर देते है वो दांतों पर एक तरह की सफेद परत बनाते है जिसे है हम प्लाक कहते है यही प्लाक बैक्टीरिया का घर होता है!*खराब मौखिक स्वक्षता*दांतों एवं मुंह की सफाई अच्छे से नहीं करने से दांतों की सड़न कैविटी उत्पन्न होने की संभावना अधिक होती है!*दांतों की सड़न का इलाज* अगर दांत में सड़न हो गया है तो सबसे पहले दंत चिकित्सक से मिलें उन्हें अपनी समस्या विस्तार से बताएं अगर सड़न छोटी है तो सड़न हटा कर फिलिंग कर दी जाएगी फिलिंग दांत के रंग की भी हो सकती है और मेटालिक चांदी के रंग की भी हो सकती है यह आपके चुनाव पर निर्भर करता है अगर सड़न के कारण दांत का बड़ा हिस्सा खराब हुआ है तो और दांत दर्द की शिकायत है तो डेंटिस्ट पहले दांत का एक्स रे करके देखेंगे फिर इलाज की सलाह देंगे ज्यादातर बहुत ज्यादा सड़े दांतों को रूट केनाल थैरेपी(दांतों का नस का इलाज) द्वारा बचाया जाता है फिर उसपे कैप लगा दी जाती है!बहुत ही ज्यादा खराब हो चुके,पूरी तरह सड़ चुके दांतों को निकालने की सलाह दी जाती है दांत निकाल कर आजू बाजू के दांत के सहयोग सहयोग से फिक्स डेंटल ब्रिज लगा सकते है या एक ही स्क्रू के दांत डेंटल इंप्लांट लगाया जा सकता है!हमेशा कहा जाता है कि रोकथाम इलाज से बेहतर है इसलिए अच्छा होगा कि हम अपने दांतों की सही देखभाल शुरू करना चाहिए ताकि इलाज की जरूरत अधिक नहीं पड़े एवं अच्छा ओरल हेल्थ बना रहे समय समय पर दांतों की जांच एवं छोटे मोटे रिपेयरिंग साधारण फिलिंग एवं दांतों की सफाई स्केलिंग और छोटे बच्चों को डेंटिस्ट के पास से फ्लोराइड जेल लगवाने से कल को रूट कैनाल या दांत निकलवाने से बचा जा सकता है फ्लोराइड जेल से कैविटी की रोकथाम एवं दांत को मजबूत बनाती है और सेंसिटिविटी (संवेदनशीलता) कम करती है!दांतों को मजबूत बनाने में ये प्रक्रिया आसान होती है इलाज की तुलना में रोकथाम न केवल बेहतर है बल्कि इलाज से कही ज्यादा सस्ती भी है समग्र स्वास्थ्य के अभिन्न अंग के रूप में दंत स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देना चाहिए!डॉ.मो.सबा नवाज ने बताया की छोटे बच्चों या कम उम्र के बच्चे जिनके परमानेंट दांत की जड़ अभी तैयार नहीं हुई है और दांतों में कैविटी गहरी हो गई है दर्द है तो सफाई करके संक्रमित पल्प को हटा कर यानी (पल्पोटॉमी)करके MTA नामक मटेरियल एवं अन्य औषधियां दवा के रूप में डाल कर सीमेंट डाल दिया जाता है!जिन बच्चों के दूध के दांत सड़ गए है दर्द या सूजन है तो पूरी तरह साफ करके यानी (पल्पेक्टॉमी) करके ऊपरी हिस्सा क्राउन और जड़ का पूरा हिस्से को भर दिया जाता है और फिर कैप कर दी जाती है!जिसका उद्देश्य दांत दर्द को ठीक करना एवं स्थाई परमानेंट दांत के आने तक दूध के दांत को अपने जगह पे बनाए रखना है एवं स्थाई दांत सही दिशा में आएं!*दांतों का स्वास्थ्य क्यों जरूरी है*• दांतों की बीमारी दिल डायबिटीज और पाचन से जुड़ी होती है|• ख़राब,एवं दांत संक्रमण से दांत दर्द सर दर्द कान दर्द का कारण बनते है|• स्वास्थ्य दांत आत्मविश्वास और अच्छी सेहत का आधार हैखाने में समस्या कुछ स्थिति में बात करने बोलने में तकलीफ होना कैंसर हृदय रोग और डाइबिटीज का खतरा घटना है • ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखें अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ दांत का होना आवश्यक है!*इस तरह रखें अपने दांतों की ख्याल*• नियमित रूप से दो बार ब्रश करें• पोषक तत्व से भरपूर आहार का सेवन करें • मुंह को स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए मीठे खाद्य पदार्थ से बचें • अपने जीभ को भी साफ करें• विटामिन सी युक्त फल और सब्जी का सेवन करें• अपने डाइट में दूध दही और पनीर हरे सब्जी को शामिल करें • साल में एक बार दांतों की नियमित जांच कराएं • प्रभावी तरीके से ब्रश करें ज्यादा देर तक एवं कम देर तक भी नहीं तीन से चार मिनट तक करें!• तीन महीने मे ब्रश को बदलें• कोई भी बोतल या किसी भी चीज को खोलने में दांतों का इस्तेमाल न करें• ध्रूमपान एवं तम्बाकू का सेवन से परहेज करें




