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बीजेपी से 1000 करोड़ की डील वाला वीडियो सच हुमायूं कबीर ने माना, ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से पूछा

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कोलकाता। निलंबित तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर का एक वीडियो पार्टी ने जारी किया था। इसमें वह BJP से 1,000 करोड़ रुपये मांगते और मुसलमानों को भोला-भाला कहते दिखाया गया है। अब हुमांयू कबीर ने मान लिया है कि पार्टी का जारी किया गया यह वीडियो असली है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि इसे 51 मिनट की रिकॉर्डिंग में से चुनकर एडिट किया गया है। इस बात को स्वीकार करने से तृणमूल को बंगाल चुनावों से पहले BJP के खिलाफ एक नया हथियार मिल गया है। खासकर PM नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के बाद जिसमें उन्होंने TMC पर AI-जनरेटेड क्लिप्स फैलाने का आरोप लगाया था। हुमायूं कबीर ने कहा कि वीडियो सच है, लेकिन 51 मिनट की बातचीत में से सिर्फ़ 19 मिनट ही दिखाए गए हैं। मैं दो लोगों से बात कर रहा था। एक ने खुद को सिलीगुड़ी का साधु बताया, दूसरे ने दिल्ली का पत्रकार। मेरे दावों को साबित करने के लिए मेरे पास पूरा वीडियो मौजूद है।

अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप: टीएमसी के पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि TMC के अभिषेक बनर्जी ने एक स्टिंग ऑपरेशन की साज़िश रची थी, जिसके तहत उन्हें फंसाने के लिए एक आदमी को महाराज के भेष में और दिल्ली के एक पत्रकार को भेजा गया था। ‘The Reality of HK’ नाम की इस 19 मिनट की क्लिप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

कानूनी एक्शन लेने की धमकी: हुमायूं कबीर ने कहा कि मैं उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। मेरे पास छह वकील तैयार हैं। उन्होंने आगे बताया कि यह रिकॉर्डिंग 19 दिसंबर 2025 को उनके बहरामपुर वाले फ्लैट पर हुई थी। उन्होंने कहा कि वीडियो में कहीं भी मुझे BJP के किसी सदस्य से मिलते हुए नहीं दिखाया गया है, यहां तक कि न मोदी से, न शाह से।टीएमसी को सबूत देना चाहिए। टीएमसी में हिम्मत है तो मेरा वीडियो, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया, उसके सबूत दिखाए। मैं बॉबी हकीम (फिरहाद हकीम) को चुनौती देता हूं कि वे उस व्यक्ति को सामने लाएं जो वीडियो में दिख रहा है, वह व्यक्ति जिसके साथ मैं बैठा हुआ और पैसों के बारे में चर्चा करता हुआ नजर आ रहा हूं। मेरा किसी अन्य दल के साथ लेना-देना नहीं है। मैं जितने दिन जिऊंगा, अपने समुदाय को साथ लेकर चलूंगा।

ममता बनर्जी ने लपका मौका: TMC ने इस बात को स्वीकार किए जाने का तुरंत इस्तेमाल BJP पर निशाना साधने के लिए किया। पार्टी के एक पदाधिकारी ने पूछा कि जब कबीर ने खुद मान लिया है कि वीडियो असली है, तो PM ने इसे AI-जनरेटेड क्यों कहा? CM ममता बनर्जी ने भी इस बात को स्वीकार किए जाने का फायदा उठाया। उन्होंने बांकुरा के ओंडा में एक रैली में पूछा कि आप देख रहे हैं कि हिंदुओं और मुसलमानों को बांटने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की डील कैसे की गई है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति खुद कह रहा है कि यह असली है। अब इसे कैसे छिपाया जाएगा?”

एआईएमआईएम ने हुमांयू अकबर से तोड़े नाते:इस विवाद से पहले ही कुछ राजनीतिक नुकसान हो चुके हैं। वीडियो सामने आने के एक दिन के भीतर ही AIMIM ने कबीर की पार्टी AUJP के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया। AIMIM ने कहा कि वह ऐसे बयानों से खुद को नहीं जोड़ सकती जिनमें मुसलमानों की ईमानदारी पर सवाल उठाए जाते हों। पार्टी ने घोषणा की कि वह बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी। कुछ हफ़्ते पहले घोषित इस गठबंधन के तहत, AJUP को बंगाल की 294 सीटों में से 182 पर और AIMIM को 17 सीटों पर चुनाव लड़ना था।ओवैसी के गठबंधन तोड़ने पर हुमायूं कबीर ने कहा कि इस बारे में एआईएमआईएम के नेताओं से सवाल पूछा जाना चाहिए। 25 मार्च को ओवैसी ने हमारे साथ गठबंधन की घोषणा की थी। अब गठबंधन क्यों तोड़ा, इस बारे में एआईएमआईएम के नेताओं से पूछा जाए।

टीएमसी ने वीडियो जारी कर लगाए थे आरोप: इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपए की डील करने का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि वीडियो में हुमायूं कबीर खुले तौर पर यह स्वीकार करते हैं कि भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने के लिए 1,000 करोड़ दिए थे। साथ ही, वह यह भी दावा करते हैं कि हिमंत बिस्वा सरमा, मोहन यादव जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस ‘साजिश’ में शामिल होने चर्चा हो रही है।

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