समाधान शिविर से दिव्यांग छात्र नागेश की बदली जिंदगी, मंत्री टंकराम वर्मा ने भेंट की ट्राइसाइकिल

धमतरी। छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जा रहा ‘सुशासन तिहार’ (Sushasan Tihar 2026) जरूरतमंदों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। धमतरी (Dhamtari) विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित ऐसा ही एक समाधान शिविर (Samadhan Camp) एक दिव्यांग छात्र नागेश देशमुख के लिए जीवन भर की यादगार सौगात बन गया।
शिक्षा के प्रति नागेश का समर्पण और संघर्ष
ग्राम पीपरछेड़ी के रहने वाले नागेश देशमुख शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद शिक्षा को लेकर हमेशा से बेहद गंभीर और समर्पित रहे हैं।
- कठिनाइयों का किया सामना: सीमित संसाधनों और शारीरिक परेशानियों के बीच नागेश ने कभी हार नहीं मानी।
- ग्यारहवीं में मिली सफलता: स्कूल आने-जाने के लिए कभी उन्हें परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था, तो कभी अत्यधिक समय लगता था। इन सभी बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ग्यारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। वर्तमान में वे अपने सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
मंत्री टंकराम वर्मा ने भेंट की ट्राइसाइकिल
इक्कीस मई को ग्राम पीपरछेड़ी में सुशासन तिहार के अंतर्गत एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में नागेश की परेशानी और उनकी आवश्यकता को समझते हुए उन्हें एक बड़ी राहत दी गई। राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने हाथों से नागेश को एक ट्राइसाइकिल भेंट की। यह ट्राइसाइकिल नागेश के लिए केवल एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, स्वाभिमान और सपनों को नई उड़ान देने वाला माध्यम बन गई है।
आत्मनिर्भर बना नागेश, शासन का जताया आभार
ट्राइसाइकिल मिलने के बाद नागेश की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा कि पहले कहीं भी आने-जाने में बहुत परेशानी होती थी, लेकिन अब उनका स्कूल और अन्य स्थानों तक का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज और सुरक्षित हो गया है। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अब उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नागेश ने राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए इसे किसी बड़े उपहार से कम नहीं बताया।
शासन-प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने यह साबित किया है कि जनहितकारी योजनाएं सही मायने में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर उनका जीवन बदल सकती हैं।




