छत्तीसगढ़

बस्तर में अंधविश्वास, टोनही प्रताड़ना एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान, कोई नारी टोनही नहीं: डॉ दिनेश मिश्र

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प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में सामाजिक अंधविश्वासों एवं कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों को जादू-टोना, टोनही प्रताड़ना तथा कथित चमत्कारों की वास्तविकता से परिचित कराया गया तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया।

कोरर एवं भानुप्रतापपुर में सभाओं का आयोजन किया गया। कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा तथा दंतेवाड़ा जिलों में अंधविश्वास से जुड़ी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा की गई तथा मांग पर कोंडागांव, फरसगांव सहित लगभग एक दर्जन ग्रामों का दौरा कर ग्रामीणों के भ्रम दूर किए गए।
कांकेर जिले के पुसावंड ग्राम में स्कूली छात्रों में फैले अंधविश्वास के एक मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आमंत्रण पर विद्यार्थियों के भ्रमों का निराकरण किया गया। जगदलपुर-चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय शिविर में प्रशिक्षार्थियों को व्याख्यान दिए गए।
नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा में जनजागरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा व्याख्यान आयोजित किए गए। आमदेई घाटी शिविर में सुरक्षा बलों के जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव, शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर , जगदलपुर, सुकमा सहित अनेक शिक्षण संस्थाओं में व्याख्यान एवं पुस्तकों का वितरण किया गया।
प्रमुख प्रवास एवं जनजागरण कार्यक्रम
वर्ष 2001
29 अगस्त 2001 – खड़कागांव (नारायणपुर) में जादू-टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना के मामले में प्रवास, चर्चा एवं जनजागरण।
18 नवंबर 2001 – कोरर में अंधविश्वास विरोधी जनजागरण कार्यक्रम।
वर्ष 2002
16 फरवरी 2002 – लोहंडीगुड़ा (बस्तर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2004
1 सितंबर 2004 – नरहरपुर (कांकेर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2006
8 जनवरी 2006 – कोरर में सभा एवं पुस्तकों का वितरण।
9 जनवरी 2006 – भानुप्रतापपुर में सभा, व्याख्यान एवं जनजागरण।
15 जून 2006 – दुर्गकोंडल (कांकेर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2007
5 मई 2007 – गीदम में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।
20–21 मई 2007 – कोंडागांव एवं फरसगांव क्षेत्र में अंधविश्वास संबंधी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा एवं व्यापक जनजागरण अभियान।
कोंडागांव से कांकेर तक लगभग एक दर्जन ग्रामों—मसोरा, गिरोला, माकड़ी, शामपुर, लुभा, शंकरपुर, बोरगांव, फरसगांव, चूरेगांव, पल्ली, सिंगारपुर, गंधवा एवं तोड़मा—का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद एवं व्याख्यान।
वर्ष 2008
2 सितंबर 2008 – जैगुर (बीजापुर) में जादू-टोने के संदेह में हुई तीन हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2009
14 जून 2009 – कलचा (जगदलपुर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2010
19 मार्च 2010 – बजावंड, नगरनार क्षेत्र में टोनही प्रताड़ना के मामले में चर्चा एवं जनजागरण।
वर्ष 2011
30 जनवरी 2011 – चित्रकूट (जगदलपुर) में NSS के प्रादेशिक शिविर में व्याख्यान।
जनवरी 2011 – बनियागांव (कोंडागांव) में प्रवास एवं चर्चा।
18 अगस्त 2011 – धमतरी में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।
3 दिसंबर 2011 – चारामा में टोनही प्रताड़ना की घटना के संबंध में प्रवास एवं जनजागरण।
10 दिसंबर 2011 – शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर में कार्यशाला।
11 दिसंबर 2011 – ग्राम तेलावट में सभा।
वर्ष 2012
2 जनवरी 2012 – बीजापुर में नरबलि की घटना के बाद प्रवास एवं जनजागरण।
फरवरी–अप्रैल 2012 – शासकीय मिडिल स्कूल पुसावंड (सरोना, कांकेर) में छात्रों के बीच फैले अंधविश्वासों पर चर्चा, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण।
3 फरवरी 2012 – शासकीय विद्यालय अभनपुर (कांकेर) में व्याख्यान।
वर्ष 2013
21 जुलाई 2013 – नेलगुड़ा (गीदम, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
10 अगस्त 2013 – दमकसा (कांकेर) में टोनही के संदेह में प्रताड़ना के मामले में जनजागरण एवं समझाइश।
वर्ष 2014
4 फरवरी 2014 – ककालगुर (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2016
19 अप्रैल 2016 – ओरछा (नारायणपुर) में सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वास पर व्याख्यान, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर।
20 अप्रैल 2016 – आमदेई कैंप (नारायणपुर) में जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं व्याख्यान।
वर्ष 2018
8 मार्च 2018 – सल्फीपदरपारा (जगदलपुर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
5 दिसंबर 2018 – कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2019
3 जून 2019 – सिरिसगुड़ा (बड़ाजी क्षेत्र, जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में दौरा एवं जनजागरण।
वर्ष 2020
27 फरवरी 2020 – चारगांव, भानपुरी (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
19 जून 2020 – नकुलनार में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
24 दिसंबर 2020 – गोगुंडा (दोरनापाल) में जादू-टोने के शक में हुई हत्याओं के संबंध में दौरा एवं जनजागरण।
वर्ष 2021
16 जुलाई 2021 – कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के शक में प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2022
12 फरवरी 2022 – शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में व्याख्यान एवं जनजागरण अभियान।
13 नवंबर 2022 – छिंदगढ़ (सुकमा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में जनजागरण।
वर्ष 2024
सुकमा में टोनही प्रताड़ना के मामले में जनजागरण।
19 सितंबर 2024 – मुरलीगुड़ा (कोंटा) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
29 अक्टूबर 2024 – हिड़पाल (बारसूर, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
वर्ष 2025
5 जुलाई 2025 – छोटेडोंगर (नारायणपुर) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।
29 अगस्त 2025 – मड़ानार (कोंडागांव) में टोनही के संदेह में महिला की हत्या के मामले में जनजागरण।
वर्ष 2026
फरवरी 2026 – शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में जनजागरण कार्यक्रम एवं पुस्तकों का वितरण।
फरवरी 2026 – शासकीय विद्यालय, परचनपाल (बस्तर) में जनजागरण कार्यक्रम।
अप्रैल 2026 – दरभा (बस्तर) में अंधविश्वास के कारण हुई हत्या के मामले में जनजागरण अभियान।

बस्तर क्षेत्र, तथा पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से अंधविश्वास, जादू-टोना, टोनही प्रताड़ना तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण, संवाद, व्याख्यान, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया। इस अभियान का प्रमुख संदेश रहा है—
“कोई नारी टोनही नहीं होती; अंधविश्वास नहीं, वैज्ञानिक सोच अपनाएँ।”

# । बस्तर में अंधविश्वास, टोनही प्रताड़ना एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान#“कोई नारी टोनही नहीं”डॉ. दिनेश मिश्र#प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में सामाजिक अंधविश्वासों एवं कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों को जादू-टोना, टोनही प्रताड़ना तथा कथित चमत्कारों की वास्तविकता से परिचित कराया गया तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया।कोरर एवं भानुप्रतापपुर में सभाओं का आयोजन किया गया। कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा तथा दंतेवाड़ा जिलों में अंधविश्वास से जुड़ी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा की गई तथा मांग पर कोंडागांव, फरसगांव सहित लगभग एक दर्जन ग्रामों का दौरा कर ग्रामीणों के भ्रम दूर किए गए।कांकेर जिले के पुसावंड ग्राम में स्कूली छात्रों में फैले अंधविश्वास के एक मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आमंत्रण पर विद्यार्थियों के भ्रमों का निराकरण किया गया। जगदलपुर-चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय शिविर में प्रशिक्षार्थियों को व्याख्यान दिए गए।नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा में जनजागरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा व्याख्यान आयोजित किए गए। आमदेई घाटी शिविर में सुरक्षा बलों के जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव, शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर , जगदलपुर, सुकमा सहित अनेक शिक्षण संस्थाओं में व्याख्यान एवं पुस्तकों का वितरण किया गया।प्रमुख प्रवास एवं जनजागरण कार्यक्रमवर्ष 200129 अगस्त 2001 – खड़कागांव (नारायणपुर) में जादू-टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना के मामले में प्रवास, चर्चा एवं जनजागरण।18 नवंबर 2001 – कोरर में अंधविश्वास विरोधी जनजागरण कार्यक्रम।वर्ष 200216 फरवरी 2002 – लोहंडीगुड़ा (बस्तर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20041 सितंबर 2004 – नरहरपुर (कांकेर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20068 जनवरी 2006 – कोरर में सभा एवं पुस्तकों का वितरण।9 जनवरी 2006 – भानुप्रतापपुर में सभा, व्याख्यान एवं जनजागरण।15 जून 2006 – दुर्गकोंडल (कांकेर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20075 मई 2007 – गीदम में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।20–21 मई 2007 – कोंडागांव एवं फरसगांव क्षेत्र में अंधविश्वास संबंधी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा एवं व्यापक जनजागरण अभियान।कोंडागांव से कांकेर तक लगभग एक दर्जन ग्रामों—मसोरा, गिरोला, माकड़ी, शामपुर, लुभा, शंकरपुर, बोरगांव, फरसगांव, चूरेगांव, पल्ली, सिंगारपुर, गंधवा एवं तोड़मा—का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद एवं व्याख्यान।वर्ष 20082 सितंबर 2008 – जैगुर (बीजापुर) में जादू-टोने के संदेह में हुई तीन हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 200914 जून 2009 – कलचा (जगदलपुर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 201019 मार्च 2010 – बजावंड, नगरनार क्षेत्र में टोनही प्रताड़ना के मामले में चर्चा एवं जनजागरण।वर्ष 201130 जनवरी 2011 – चित्रकूट (जगदलपुर) में NSS के प्रादेशिक शिविर में व्याख्यान।जनवरी 2011 – बनियागांव (कोंडागांव) में प्रवास एवं चर्चा।18 अगस्त 2011 – धमतरी में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।3 दिसंबर 2011 – चारामा में टोनही प्रताड़ना की घटना के संबंध में प्रवास एवं जनजागरण।10 दिसंबर 2011 – शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर में कार्यशाला।11 दिसंबर 2011 – ग्राम तेलावट में सभा।वर्ष 20122 जनवरी 2012 – बीजापुर में नरबलि की घटना के बाद प्रवास एवं जनजागरण।फरवरी–अप्रैल 2012 – शासकीय मिडिल स्कूल पुसावंड (सरोना, कांकेर) में छात्रों के बीच फैले अंधविश्वासों पर चर्चा, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण।3 फरवरी 2012 – शासकीय विद्यालय अभनपुर (कांकेर) में व्याख्यान।वर्ष 201321 जुलाई 2013 – नेलगुड़ा (गीदम, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।10 अगस्त 2013 – दमकसा (कांकेर) में टोनही के संदेह में प्रताड़ना के मामले में जनजागरण एवं समझाइश।वर्ष 20144 फरवरी 2014 – ककालगुर (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 201619 अप्रैल 2016 – ओरछा (नारायणपुर) में सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वास पर व्याख्यान, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर।20 अप्रैल 2016 – आमदेई कैंप (नारायणपुर) में जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं व्याख्यान।वर्ष 20188 मार्च 2018 – सल्फीपदरपारा (जगदलपुर) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।5 दिसंबर 2018 – कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20193 जून 2019 – सिरिसगुड़ा (बड़ाजी क्षेत्र, जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में दौरा एवं जनजागरण।वर्ष 202027 फरवरी 2020 – चारगांव, भानपुरी (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।19 जून 2020 – नकुलनार में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।24 दिसंबर 2020 – गोगुंडा (दोरनापाल) में जादू-टोने के शक में हुई हत्याओं के संबंध में दौरा एवं जनजागरण।वर्ष 202116 जुलाई 2021 – कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के शक में प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 202212 फरवरी 2022 – शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में व्याख्यान एवं जनजागरण अभियान।13 नवंबर 2022 – छिंदगढ़ (सुकमा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में जनजागरण।वर्ष 2024सुकमा में टोनही प्रताड़ना के मामले में जनजागरण।19 सितंबर 2024 – मुरलीगुड़ा (कोंटा) में टोनही प्रताड़ना के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।29 अक्टूबर 2024 – हिड़पाल (बारसूर, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20255 जुलाई 2025 – छोटेडोंगर (नारायणपुर) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।29 अगस्त 2025 – मड़ानार (कोंडागांव) में टोनही के संदेह में महिला की हत्या के मामले में जनजागरण।वर्ष 2026फरवरी 2026 – शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में जनजागरण कार्यक्रम एवं पुस्तकों का वितरण।फरवरी 2026 – शासकीय विद्यालय, परचनपाल (बस्तर) में जनजागरण कार्यक्रम।अप्रैल 2026 – दरभा (बस्तर) में अंधविश्वास के कारण हुई हत्या के मामले में जनजागरण अभियान।बस्तर क्षेत्र, तथा पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से अंधविश्वास, जादू-टोना, टोनही प्रताड़ना तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण, संवाद, व्याख्यान, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया। इस अभियान का प्रमुख संदेश रहा है—“कोई नारी टोनही नहीं होती; अंधविश्वास नहीं, वैज्ञानिक सोच अपनाएँ।”

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