अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: परसा में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन


*600 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक की सहभागिता
*अदाणी फाउंडेशन और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का आयोजन
अम्बिकापुर, उदयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर परसा क्षेत्र में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में परसा, साल्ही, बासेन, तारा, शिवनगर और घाटबर्रा सहित आसपास के गाँवों से छह सौ से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आजीविका सुधार से जुड़ी संस्थागत पहलों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा स्थानीय महिला प्रतिभाओं और उपलब्धियों को मंच प्रदान करना था। अदाणी फाउंडेशन और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के इस आयोजन को क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के व्यापक लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।महिलाओं को मिल रहे रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरपरसा क्षेत्र में अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से महिला उद्यमी बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जो महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और आय-सृजन के अवसर उपलब्ध करा रही है। समिति के अंतर्गत मशरूम उत्पादन, डेयरी यूनिट, फिनाइल निर्माण, मसाला प्रसंस्करण और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन जैसी इकाइयाँ संचालित हैं। इन इकाइयों के माध्यम से महिलाएँ आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।स्टॉल अवलोकन से शुरू हुआ कार्यक्रमकार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं के स्वागत और अतिथियों द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूह स्टॉलों के अवलोकन से हुई। सरगुजा क्षेत्र की पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए ग्रैंड सुवा टीम ने सुवा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों ने मंच पर दीप प्रज्वलन किया और छत्तीसगढ़ राज्य गीत के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद महिलाओं की सहभागिता के प्रतीक स्वरूप केक काटकर महिला दिवस कार्यक्रम का विशेष उद्घाटन किया गया, जिसमें समुदाय की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।रैंप वॉक ने मन मोहाकथक नृत्य, सुवा नृत्य, विभिन्न ग्रामों की टीमों द्वारा नृत्य प्रतियोगिताएँ, ‘वुमन एम्पावरमेंट’ पर आधारित नाटक और विभिन्न राज्यों की विशिष्टताओं को दर्शाने वाली रैंप वॉक ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बनाए रखा। नृत्य प्रतियोगिता में साल्ही ग्राम की टीम विजेता रही। तारा, बासेन, परसा, शिवनगर और घाटबर्रा की टीमों ने भी अपने प्रदर्शन से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।अदाणी फाउंडेशन के कार्यों का सकारात्मक प्रभाव: सीडीपीओकार्यक्रम में सरगुजा की डीडीसी श्रीमती रायमुनिया सिंह करियाम, परसा की सरपंच श्रीमती तुलसी उईके, बासेन की सरपंच श्रीमती रामेश्वरी पोर्ते, तारा की सरपंच श्रीमती सम्पतिया सिंह, साल्ही की सरपंच श्रीमती कालेश्वरी कोर्राम, उदयपुर ICDS विभाग की सीडीपीओ श्रीमती दयामणि कुजूर, हाई स्कूल परसा के प्राचार्य श्री राज कुमार चंद्रा, हाई स्कूल तारा के उप प्राचार्य श्री वेणी माधव जायसवाल, साल्ही के उप सरपंच श्री मुंशी प्रसाद, घाटबर्रा के उप सरपंच श्री दिनेश यादव, बासेन की उप सरपंच श्रीमती सुचिता तिर्की तथा परसा के उप सरपंच श्री उमाशंकर यादव की उपस्थिति रही। इन सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए महिलाओं को प्रोत्साहित किया और आयोजन की सराहना की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CDPO दयामणि कुजूर ने कहा कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के कल्याण और आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयास समुदाय में सकारात्मक असर डाल रहे हैं।वजन मापने की मशीनें और दरियाँ वितरितसामाजिक पहल के तहत सूरजपुर और सरगुजा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों को 500 वजन मापने की मशीनें और 300 दरियाँ वितरित की गईं। यह वितरण उदयपुर और प्रेमनगर ब्लॉक के आंगनबाड़ी केन्द्रों से प्राप्त सरकारी अनुशंसाओं के आधार पर किया गया। कार्यक्रम में पाँच विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई और कक्षा 9वीं व 10वीं की शीर्ष तीन मेधावी छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। समापन में लगभग 700 महिलाओं को उपहार हैम्पर वितरित किए गए। स्थानीय समुदाय ने इस आयोजन को सराहा और महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करती हैं।इलाके में लगातार सक्रिय है अदाणी फाउंडेशनअदाणी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित कर रहा है। स्कूलों में पोषण जागरूकता, छात्र सहायता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, विज़न केयर पहल, ग्रामीण महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण, सामुदायिक आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा किसान समूहों के लिए क्षमता संवर्द्धन जैसी गतिविधियाँ निरंतर जारी हैं। इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाना और समुदाय के सर्वांगीण विकास में सहयोग देना है।




