छत्तीसगढ़

सालेम स्कूल में फर्जी गिरोह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ कर रहे खिलवाड़

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  • शासन-प्रशासन शैक्षणिक संस्थान में हो रहे अवैध फर्जीवाड़े को सख्ती से रोके
    फर्जी लेटरहेड, जाली सील-मोहर, कूटरचित दस्तावेज, निलम्बन एवं विद्यार्थियों की मार्कशीट में जालसाजी
    प्रभारी प्राचार्य रुपिका लारेंस ने शासन -प्रशासन के समक्ष तथ्यों को बिंदुवार प्रस्तुत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की

रायपुर । फर्जी लेटरहेड, जाली सील-मोहर, कूटरचित दस्तावेज, निलम्बन एवं विद्यार्थियों की मार्कशीट में जालसाजी कर शासन-प्रशासन को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत तत्काल FIR एवं गिरफ्तारी की कार्यवाही करने की गुहार रूपिका लारेंस ने प्रशासन से लगाई है।
रूपिका लारेंस (सालेम इंग्लिश स्कूल मोती बाग़ रायपुर छ.ग.) प्रभारी प्राचार्य ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) / सालेम इंग्लिश स्कूल की ओर से अत्यंत गंभीर आपराधिक तथ्यों को प्रशासन के संज्ञान में प्रस्तुत करना चाहती हूँ प्रकरण की वैधानिक स्थिति की सघन जांच कर दोषी व्य़क्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को दिए आवेदन में बताया कि शशि वाघे, अतुल आर्थर, वी. के. सिंह, सपना जॉर्ज, रूपाली ग्वाल यादव, मेनका जॉर्ज, एम.जे. राव, अजय जॉन, नीलिमा रॉबिनसन, अरूण पन्नालाल एवं अन्य ने स्वयं को अवैध रूप से पदाधिकारी घोषित किया है जिसकी जांच कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।
प्रभारी प्राचार्य रूपिका लारेंस ने प्रशासन के समक्ष तथ्यों को क्रमवार रखते हुए बताया कि –

  1. दिनांक 29.09.2025 को रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं द्वारा पूर्व कार्यकारिणी समाप्त कर केवल चुनाव कराने का आदेश पारित किया गया था।
  2. उक्त आदेश को चुनौती (अपील) दिए जाने पर दिनांक 01.12.2025 को उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन वणिज्य एवं उद्योग नवा रायपुर द्वारा पूर्व आदेश निरस्त/अप्रभावी किया गया ।
  3. जिला कलेक्टर, रायपुर को चुनाव कराने हेतु प्रशासक नियुक्त किया गया जो कि चुनाव 27.03.2026 को संपन्न हो चुका है।
    अतः 01.12.2025 के पश्चात संस्था का संपूर्ण नियंत्रण केवल वैधानिक प्रशासक के अधीन है।
    इसके बावजूद शशि वाघे, अतुल आर्थर, वी. के. सिंह, सपना जॉर्ज, रूपाली ग्वाल यादव, मेनका जॉर्ज, एम.जे. राव, अजय जॉन, नीलिमा रॉबिनसन, अरूण पन्नालाल एवं अन्य द्वारा स्वयं को अवैध रूप से पदाधिकारी बताकर कार्य किया गया। संस्था के नाम से फर्जी लेटरहेड छपवाया गया। जाली सील एवं मोहर तैयार कर उपयोग किया गया। फर्जी नियुक्ति और निलंबन पत्र जारी किए गए प्रशासनिक कार्यों में अवैध हस्तक्षेप किया गया।
    रूपिका लारेंस ने कहा कि पूरे गिरोह ने मिलकर शासन-प्रशासन एवं पुलिस को झूठी जानकारी देकर गुमराह किया गया। यह संपूर्ण कृत्य एक संगठित आपराधिक षड्यंत्र है। )विद्यार्थियों की मार्कशीट में गंभीर जालसाजी: सपना जॉर्ज एवं रूपाली ग्वाल यादव द्वारा नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के रिजल्ट/मार्कशीट अवैध रूप से जारी किए गए। उक्त मार्कशीट में फर्जी सील-मोहर का उपयोग किया गया। इन व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं था। उनके द्वारा कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज का उपयोग किया जो धोखाधड़ी का स्पष्ट मामला है। “विद्यार्थियों की नर्सरी से आठवी तक के मार्कशीट में जालसाजी करना उनके भविष्य के साथ सीधा आपराधिक खिलवाड़ है। “

उन्होंने शिकायत पत्र में आगे बताया कि इस तरह के एक अन्य केस में Supreme Court का बाध्यकारी आदेश: Lalita Kumari vs Govt. of UP (2014) के अनुसार संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर FIR दर्ज करना अनिवार्य है। अतः इस मामले में FIR दर्ज न करना कानून का उल्लंघन होगा।* कूटरचना ( Forgery) • फर्जी दस्तावेज का उपयोग • धोखाधड़ी (Cheating) • आपराधिक षड्यंत्र • शासकीय कार्य में बाधा डालने के साथ पद का दुरूपयोग साजिशन किया गया ।
अतः निवेदन है कि उपरोक्त आरोपो के आधार पर नामजद व्यक्तियो के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, क्योंकि साक्ष्य से छेड़छाड़ की संभावना है। विद्यार्थियों एवं संस्था को गंभीर नुकसान हो रहा है फर्जी दस्तावेज, सील, लेटरहेड एवं डिजिटल साक्ष्य तुरंत जब्त किए जाएं।

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