आपदा के लिए हर जिले में हर साल करोड़ों का फंड, सरकार की अनदेखी से नहीं हो पाता है उपयोग -गोपाल साहू


रायपुर, 21 अगस्त 2025। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दिए जाने वाले आपदा प्रबंधन के लिए करोड़ों की जारी राशि और उसका सही उपयोग ना पर कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा हर साल राज्यों को करोड़ों का बजट आपदा प्रबंधन के लिए दिया जाता है। इसे के तहत वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ के लिए केंद्र से 400 करोड़ और राज्य की ओर से 133.60 करोड़ सहित कुल 533.60 करोड़ का आवंटन हुआ है, लेकिन हर वर्ष की तरह इसका भी शायद पूरा उपयोग ना हो पाए।सरकार की अनदेखी के कारण राजधानी रायपुर हो या प्रदेश का कोई अन्य बड़ा शहर वहां लगातार बारिश के बाद आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के पास कोई इंतजाम नहीं रहता है जिलों के कलेक्ट्रेट में आपदा प्रबंधन का पूरा काम केवल एक कमरे में होता है। बारिश में कहीं भी जल भराव हो उसकी जानकारी देने के लिए केवल एक फोन नंबर जारी किया गया है और इस नंबर की जानकारी भी लोगों को नहीं है इस वजह से इस पर कोई कभी भी कॉल नहीं करता। अफसर मान लेते हैं कि जल भराव की वजह से लोगों को ज्यादा समस्या नहीं है! सड़क पर गिरे पेड़ को हटाना हो या उसे काटना हो, बिजली के खम्भे हटाना हो या वायर को ठीक करना हो इस तरह किसी भी काम करने के लिए प्रशासन के पास कोई आधुनिक उपकरण नहीं होते, सारा काम लेबरों के भरोसे चल रहा है। किसी मोहल्ले में अगर ज्यादा पानी भर गया हो तो लोगों को शिफ्ट करने के लिए ना तो कोई वोट आदि है ना ही कोई अन्य उपकरण है यही वजह है कि लगातार बारिश के बाद प्रशासन, पुलिस और निगम के अफसर केवल पानी उतरने का ही इंतजार करते हैं।



प्रदेश महासचिव (मीडिया, सोशल मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता ) सूरज उपाध्याय ने कहा कि बारिश के पहले हर साल अफसर और कर्मचारियों को क्या करना है इसका आदेश जारी कर दिया जाता है। कलेक्टर की ओर से हर साल एक की तरह का आदेश जारी किया जाता है इन निर्देशों का फील्ड में कोई काम नहीं होता क्योंकि सरकारी अफसर हो या कर्मचारी फील्ड में उतरते ही नहीं है। जिले के सभी तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाने में 24 घंटे निगरानी का आदेश जारी कर अफसर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं बाढ़ आपदा बचाव ले लिए मोटर बोट, लाइफ जैकेट, सर्च लाइट, रबर बोट समेत अन्य बचाव सामग्री देने के निर्देश दिए जाते हैं लेकिन उनके पास ऐसा कोई सामान नहीं होता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तम जायसवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश चंद्रा ने कहा कि राज्य में कई जिलों में जरूरी सामान की खरीदी के लिए हर साल करीब 100 करोड़ का फंड जारी किया जाता है, लेकिन यह फंड भी टेंडर और नियमों में उलझ कर लेप्स हो जाता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने कहा कि सरकार को चाहिए कि आवंटित राशि पर पारदर्शिता हो।ज़रूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचे। राहत कार्यों में देरी ना हो । समय पर योजना बनाना या उसे सही तरीके से लागू करना चाहिए। अक्सर यह तय नहीं हो पाता है कि राशि कहाँ और कैसे खर्च करनी है इसका विशेष ध्यान होना चाहिए। फंड रिलीज में देरी या नीति-निर्माण में असहमति भी आपदा प्रबंधन के रास्ते में बाधक हैं जिनका समाधान निकाल कर सरकार आम जनता के लिए जारी फंड का जनता के लिए सदुपयोग कर सकते हैं।
मिहिर कुर्मी
प्रदेश मीडिया प्रभारी
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़
8461830001