छत्तीसगढ़

सांसद महेश कश्यप और विधायक लता उसेंडी ने नेतृत्व में निकली गई भव्य पद यात्रा

कोंडागांव । जिला प्रशासन द्वारा रविवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर चिखलपुटी से पलारी तक 10 किलोमीटर पैदल एकता मार्च का भव्य आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम की शुरुआत गुरु घासीदास बाबा के छायाचित्र की पूजा-अर्चना के साथ हुई। उक्त एकता मार्च में उत्साह के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन और युवा शामिल होकर देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप और बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि वर्ष 2025 भारत के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली वर्ष है। यह वर्ष तीन महान व्यक्तित्वों सरदार वल्लभभाई पटेल, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती का प्रतीक है। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के गठन को 25 वर्ष पूर्ण होने पर यह वर्ष रजत जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है।

सांसद कश्यप ने आगे कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद मात्र तीन वर्षों में 562 रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत का निर्माण किया। हैदराबाद से लेकर जम्मू-कश्मीर तक कई जटिल रियासतों के विलय की चुनौतीभरी प्रक्रियाएँ थीं, जिन्हें उनकी दृढ़ इच्छा, कूटनीतिक समझ और नेतृत्व ने संभव बनाया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के अधूरे सपने ‘एक भारत, एक विधान’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटने के बाद साकार किया गया। आज देश आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद को समाप्त कर 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की मजबूती सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का कर्तव्य है। एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति किसी भी देश को अजेय बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों और चरित्र को अपने जीवन में उतारकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल द्वारा 562 रियासतों को जोड़कर राष्ट्र निर्माण करने का कार्य विश्व इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कश्मीर के भारत में विलय की परिस्थितियाँ बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन पटेल की दूरदर्शिता और नेतृत्व ने इन जटिल परिस्थितियों को पार करते हुए राष्ट्र की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया जाना आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है और इससे नई पीढ़ी को उनके बलिदान और संघर्षों को जानने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने वर्तमान समय में सामाजिक और सांस्कृतिक प्रहारों से बचने के लिए अपनी परंपराओं, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हर व्यक्ति जहां है, वहीं से राष्ट्र सेवा कर सकता है।

गांव में मिले दायित्व से लेकर राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी तक—हर कार्य राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है। कार्यक्रम में सांसद और विधायक के नेतृत्व में महापुरुषों को नमन करते हुए सभी ने एकता, जागरूकता और राष्ट्रहित में समर्पण का शपथ भी लिया।

पद यात्रा के अंतिम पड़ाव में जब लोग ग्राम पलारी पहुंचे तो बिहान समुह की महिलाओं और एन एस एस की टीम ने भव्य स्वागत किया और मंदिर प्रांगण में पौध रोपण किया गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेंद्र ठाकुर, श्रीमती जुगबती पोयाम, नंदलाल राठौर, जितेन्द्र सुराना, एसडीएम अजय उरांव, खेल अधिकारी सुश्री सुधा कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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