जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, छत्तीसगढ़विषय: “आदर्श पड़ोस – आदर्श समाज” के तहत सम्मान समारोह का आयोजन

वृंदावन हॉल, सिविल लाइन, रायपुरजमाअत-ए-इस्लामी हिंद की राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य स्तर पर “आदर्श समाज—आदर्श पड़ोस” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन 27 नवंबर की शाम वृंदावन हॉल, सिविल लाइन रायपुर में किया गया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हमसाये (पड़ोसी) की सही समझ विकसित करना और समाज को आधार देने वाले कर्मियों को सम्मानित करना था।जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने बताया कि हमसाये सिर्फ दरवाज़े के पास रहने वाले पड़ोसी ही नहीं, बल्कि वे सभी लोग हैं जो हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी को सुचारू बनाते हैं, जैसे—सफाई कर्मी /सफाई मित्रअख़बार वितरक/हाॅकरदूध सप्लाई करने वालेसब्जी विक्रेताघर में काम करने वालीऔर समाज की व्यवस्था को चलाने वाले अन्य कर्मीये सभी लोग समाज की रीढ़ हैं। इनके बिना कोई भी समाज सही रूप से संचालित नहीं हो सकता। इसी सोच के तहत “हुक़ूक़-ए-हमसाया” मुहिम के अंतर्गत इन सभी सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथियों के उद्बोधन : –
● मोहम्मद अहमद साहबनेशनल सेक्रेट्री, जमाअत-ए-इस्लामी हिंदउन्होंने कहा कि आज देश को सबसे अधिक जरूरत पड़ोसी हक़ूक़, इंसानी मोहब्बत और सामाजिक हम—आहंगी की है।
● बिशप हेनरी सर(सर्व आस्था मंच के सदस्य)उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा—“इंसान की इंसान से मोहब्बत ही उसके दिल में ईश्वर का वास पैदा करती है। एक-दूसरे का ध्यान रखना एक आध्यात्मिक शक्ति है।”
● प्रेम शंकर गोटिया जीउन्होंने कहा कि सम्मान से प्रेम और सद्भावना बढ़ती है, और ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता लाते हैं।
● नज़र हुसैनी साहबउन्होंने बताया कि आदर्श समाज तभी बनता है जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और आपसी प्रेम बढ़ाए।
● फैसल रिज़वी साहबउन्होंने मुसलमानों की चरित्र, तहज़ीब और सामाजिक छवि में आती गिरावट पर चिंता प्रकट की और सुधार की आवश्यकता बताई।
● स्टेट प्रेसिडेंट शफीक एहमद साहब ने कहा उन्होंने हमारे “हेल्पिंग हैंड्स”—वे सभी कर्मी जो समाज को सुचारू चलाने में मदद करते हैं— उनका धन्यवाद किया और उनकी सेवाओं की प्रशंसा की।संचालन एवं व्यवस्थाकार्यक्रम का सफल संचालन यूसुफ़ खान ने किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में यूनिट प्रेसिडेंट सुहैब अख्तर, अलीम खान, इबाद, अमान, अजहर, हैदर, अनस , उबेद खान, तूफैल कुरैशी, सईद अहमद साहब सहित कई अन्य पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।संपर्क:जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, छत्तीसगढ़

