छत्तीसगढ़
मोहम्मद अकमल अशरफी ने 10 रोज़े और उनके भाई मोहम्मद अजमल अशरफी ने 7 रोज़े रखे

रायपुर। इस बार की रमज़ान पर कुछ खास नज़ारा देखने को मिला। शहर के विभिन्न मोहल्लों और मस्जिदों के आस-पास बच्चों ने भी रोज़ा रखकर अपने माता-पिता और समुदाय के साथ इस पवित्र माह का अनुभव साझा किया।गंजपारा स्टेशन रोड के रहने वाले 9 साल के मोहम्मद अकमल अशरफी ने माहे रमज़ान में 10 रोज़ रखे और उनके भाई मोहम्मद अजमल अशरफी जिनकी उम्र 5 साल है उन्होंने 7 रोजे रखे।उनके माता-पिता ने बताया कि बच्चों को रोज़ा रखना न सिर्फ धार्मिक शिक्षा देता है, बल्कि उन्हें संयम, सहानुभूति और दूसरों के प्रति संवेदनशील बनाता है। इस मौके पर इफ्तार के समय बच्चों के चेहरे पर खुशी और संतोष झलक रहा था। कई बच्चों ने कहा कि रोज़ा रखने से उन्हें भूख और प्यास का अहसास हुआ, जिससे गरीब और जरूरतमंदों की परेशानियों को समझने में मदद मिली।




