मोहम्मद अज़ान का भी पूरा रोज़ा चल रहा है।

रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवाँ महीना है। मुस्लिम समुदाय इस महीने को बहुत अहमियत वाला मानता है। इस माह में मुस्लिम समुदाय सभी मर्द, औरत, बच्चे, बूढ़े महीने भर के रोज़े रखते हैं और रात में विशेष नमाज तरावीह की नमाज़ पढते हैं जिसमें पूरा कुरान सुनाया जाता है। कुरान की तिलावत भी कसरत से की जाती है। एतेकाफ़ में बैठना और लोगों की तरक्की और खुशहाली के लिये अल्लाह से दुआ करते हुवे रोज़ा रखना ज़कात देना भी इस मुकद्दस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग कसरत से करते हैं।
रायपुर राजधानी में भी बच्चे बड़ी तादात में रोज़े रख रहे हैं। मोवा मस्जिद के पास अज्जू किराना स्टोर रायपुर के रहने वाले रज़ा परवेज़ और आयशा परवीन के साहबजादे मोहम्मद अज़ान जिनकी उम्र 8 साल है, उनका पूरा रोज़ा चल रहा है। उनके वालिद ने उन्हें रोज़े की अहमियत बताया और बच्चे ने रोज़ा रखने की नियत की।




