नया आयकर अधिनियम’ कर सुधारों के इतिहास में एक मील का पत्थर:सीए संजय कुमार गोयल


रायपुर, 1 फरवरी, 2026। संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए, रायपुर के प्रतिष्ठित एक्सेल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के प्रमुख एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए संजय कुमार गोयल ने सरकार के दूरदर्शी निर्णयों का स्वागत किया है।सीए संजय गोयल ने विशेष रूप से कराधान (Taxation) के मोर्चे पर हुए बड़े बदलावों को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित बातें कही•ऐतिहासिक कानूनी सुधारः “सरकार द्वारा लगभग छह दशक पुराने आयकर कानून को बदलकर ‘नया आयकर अधिनियम, 2025’ लागू करने का निर्णय अत्यंत साहसी और समय की मांग है। 60 साल पुराने जटिल कानूनों के स्थान पर एक सरल और आधुनिक कानून लाना करदाताओं और कर प्रशासकों के बीच होने वाले विवादों (Litigation) को न्यूनतम करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।”• स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को बढ़ावा: “कर संरचना को अधिक तर्कसंगत और सरल बनाकर सरकार ने न केवल टैक्स चोरी की संभावनाओं को कम किया है, बल्कि करदाताओं को ‘स्वैच्छिक अनुपालन’ के लिए भी प्रेरित किया है। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास का नया वातावरण तैयार करेगा । “•आसान और सुलभ प्रक्रिया: “बजट का मूल मंत्र ‘सरलीकरण’ है । जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर तकनीक और सुगमता पर जोर दिया गया है, जिससे अब एक आम नागरिक के लिए भी टैक्स संबंधी औपचारिकताएं पूरी करना आसान हो जाएगा । “निष्कर्ष: सीए संजय कुमार गोयल ने अंत में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि एक विकसित और डिजिटल भारत की ओर मजबूती से बढ़ता कदम है, जो ईमानदारी से टैक्स देने वालों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है।




