क्षमा धर्म का सही ढंग है: सुरेश मोदी




रायपुर: अमलतास रेसीडेंसी कचना स्तिथ दिगम्बर जैन मंदिर में “दसलक्षण पर्व ” के प्रथम दीवस पर उत्तम क्षमा धर्म की पूजा पाठ किया गया। जिसमें प्रातः झंडा रोहन श्रीमती गरिमा जी पालीवाल के द्वारा किया गया ।उपरोक्त जानकारी मंदिर के नव निर्वाचित अध्यक्ष हिमांशु जैन ने दी।श्री जैन ने आगे बताया कि सर्वप्रथम मूल बेदी पर वीराजित 1008 श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान के मस्तक के ऊपर छत्र एवं बेदी पर वीराजित अन्य भगवन्तों की प्रतिमाओं को सिंघासन पर वीराजित किया गया। ततपश्चात श्री जी को पांडुक शिला पर वीराजित कर अभिषेक, शांति धारा एवं देव शास्त्र गुरु पूजन,भगवान आदिनाथ पूजन,दसलक्षण वीधान भक्ति पूर्वक किया गया। आज के प्रथम शांति धारा करने का पुण्यार्जन अजय भरत रावका परिवार एवं द्वितीय शांति धारा का पुण्यार्जन नरेंद्र जी पालीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।शास्त्र चर्चा करते हुए श्री सुरेश जी मोदी उत्तम क्षमा धर्म पर बताते हुए कहा कि क्षमा वीरो का आभूषण तो है । सही मायने में देखा जाए तो स्वयं अपने आप से क्षमा मांगना अर्थात स्वयम के अंदर वीराजित परम् शुद्ध आत्मा और इस नश्वर शरीर काभेद कर क्षमा भाव उत्पन्न करना यही सच्चा क्षमा धर्म है,जिसने क्षमा धर्म को अंगीकार कर लिया उसने दस धर्मो को अंगीकार कर लिया।