मुरकुटा के सरपंच के खिलाफ ग्रामवासियों ने मोर्चा खोला मामले की सरकार और कलेक्टर से शिकायत

- ग्राम पंचायत मुरकुटा के सरपंच की मनमानी
- प्रस्ताव से अधिक सरकारी पेड़ो की अवैध कटाई
बेमेतरा।विष्णुदेव सरकार पर्यावरण को संरक्षण और संवर्धन के लिए अभियान चला रही है वही उनके ही सरपंच गांव में वनों की अवैध कटाई को अंजाम दे रहे है। पहले भी सरपंच ने फर्जी प्रस्ताव पारित कर मुरकुटा के आसपास के जंगलों के पेड़ों को काटकर आरामिल मालिकों को बेच चुका है। जिसकी शिकायत गांव वालों ने की थी जिसे अपने प्रभाव से मामले को दबाने में कामयाब हो गया। अब फिर सरकारी प्रयोजनों के लिए आरक्षित जमीन में लगे पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पास कर पूरे गांव के पेड़ों को काटने पर तूला हुआ है। जिसे लेकर ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों में रोष व्यप्त है। ग्राम पंचायत मुरकुटा के सरपंच द्वारा प्रस्ताव से अधिक सरकारी पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत ग्रामवासियों ने कलेक्टर बेमेतरा और अनुविभागीय अधिकारी रा बेमेतरा को लिखित शिकायत किया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मुरकुटा द्वारा तालाब सौंदर्यीकरण और रख रखाव के लिये 10 से 12 सरकारी पेड़ो को काटने हेतु प्रस्ताव पास किया गया था लेकिन सरपंच ने अपनी मनमानी करते हुए लगभग 172 सरकारी पेड़ों की कटाई करवा दिया। जो पर्यावरण के लिये काफी हानिकारक है। सरपंच के इस तरह का कृत्य मनमानी करने वाला है इससे ग्रामवासियों में चिंता और भारी रोष व्याप्त है। इसके पूर्व भी सरपंच द्वारा मनमानी की जा रही थी। ग्रामवासियों ने कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगे।




