कपट, चोरी करना स्वयं को हानि पहुचाना:भाई सुरेश मोदी


रायपुर: अमलतास कैसल , कचना स्थित श्री मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दहलक्षण पर्व के तीसरे दिन ” उत्तम आर्जव” पर्व बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रातः 7 बजे मूल नायक 1008 श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान को पांडुक शीला पर विराजित कर जलाभिषेक एवं शांति धारा की गई, जिसके प्रथम लाभारती जगदीश चंद चंद्रभान बाबूलाल गोधा परिवार एवं द्वितीय लाभारती केशव चंद नरेंद्र कुमार पालीवाल परिवार रहा। तत्पश्चात संगीतमय माहौल में श्री जी की पूजा आदि की गई।उपरोक्त जानकारी मंदिर के अध्यक्ष हिमांशू जैन ने दी।
उत्तम आर्जव धर्म कि विवेचना करते हुए श्री सुरेश भाई मोदी ने बताया कि जब मानव अपने मन से कपट, चोरी और धोखा करना जैसे भाव को निकालकर अपने स्वभाव को सरल व विनय युक्त बना लेता है इसी को उत्तम आर्जव धर्म कहते है।जो व्यक्ति दुसरो के साथ कपट, चोरी व धोखा आदि करता है वह स्वयं अपने आपको धोखा देता है व दूसरे की अपेक्षा खुद की ही हानि करता है।
सरल स्वभाव के साथ परम् आनंद मोक्ष प्राप्त कर सकते है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती शशि पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार , 31, 08, 2025 को दोपहर 2-30 बजे से 5 से 8 वर्ष एवं 9 से 14 वर्ष तक के बच्चों का दिए गए थीम के अनुसार चित्र कला ( ड्रॉइंग )प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।
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