कारी मोहम्मद इमरान अशरफी बने ऑल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड छत्तीसगढ़ यूनिट के नए सदर


रायपुर। हज़रत मौला अली इब्ने अबु तालिब अलैहिस्सलाम” के यौम ए शहादत पर तक़रीर का आयोजन 11 मार्च, बुधवार, रात 11 बजे, चांदनी चौक नेहरू नगर में हुज़ूर अशरफे मिल्लत हज़रत सैय्यद मोहम्मद अशरफ अशरफी अल जिलानी किछोछवी की सरपरस्ती में होगी
जिसकी सदारत हुज़ूर मुजाहिदे इस्लाम हज़रत सैय्यद आलमगीर अशरफ अशरफी अल जिलानी किछौछवी साहब और मुक़र्रीरे खुसूसी मुफ़्ती शफीकुल क़ादरी साहब मुम्बई होंगे। ऑल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड छत्तीसगढ़ यूनिट की जनरल मीटिंग पिछले दिनों हुई। जिसमें ऑल इंडिया उलमा व मशाएख बोर्ड के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हुज़ूर अशरफ ए मिल्लत हज़रत सैय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवि साहब के हुक्म से मोहम्मद इमरान अशरफी साहब ऑल इंडिया उलमा व मशाएख बोर्ड छत्तीसगढ़ यूनिट का सदर बनाया गया।
नए सदर का इस्तेकबाल मौजूद मेंबर्स ने गर्मज़ोशी के साथ किया। आपने अपने सदारती खुतबे में कहा कि जल्द ही यूनिट के ओहदारों और एक्सिक्यूटिव मेम्बर्स बना लिया जाएगा जो अपने अपने इलाकों में ज़्यादा से ज़्यादा मेम्बरसाज़ी करेंगें क्युकी किसी भी संगठन की ताकत उसके मेंबर्स होते हैं। साथ ही साथ ऑल इंडिया उलमा व मशाएख बोर्ड के कयाम के मकसद को तफ़सील से बताते हुए कहा कि अपने पैग़म्बर और सूफिया ए केराम की तालीमात और अख़लाक़ी किरदार को अपनाने और उस पर अमल करने की ज़रूरत है, किस तरह हमारे सूफिया ने ग़ैरो के दिलों मे अपनी जगह बनाई, उसकी सबसे बड़ी वजह ये रही कि उन्होंने ने कभी नफरत से काम नहीं लिया बल्कि मोहब्बत से और अपने किरदार से उन सभी के दिलों को जीता है। हम सबको उसी अख़लाक़ और किरदार को अपनाने की जरूरत है। क्योंकि नफरत को कभी नफरत से और बुराई को कभी बुराई से नहीं खत्म किया जा सकता अगर खत्म किया जा सकता है तो उसका एक ही हथियार है वो सिर्फ मोहब्बत है और यही सुफ़िया ए केराम तरीका भी है ।
आपने तालीम पर ज़ोर देते हुए कहा जिस तरह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ायदे आज़म हिन्दोस्तान हुज़ूर अशरफ़ ए मिल्लत तालीम की अहमियत पर ज़ोर देते हुए पूरे हिन्दोस्तान में हर फ़र्द तक इल्म की रौशनी फैलाने की मुहिम चला रखी है उस मुहिम का अहसास यूनिट के ज़िम्मेदारों को भी होना चाहिए, ये हर मेम्बर की ये अहम ज़िम्मेदारी है कि वो इस पर ज़्यादा से ज़्यादा तवज्जोह दें ताकि पढ़ लिख कर मुस्तक़बिल मे हर बच्चा अपने वतन की तरक़्क़ी में अहम रोल अदा करने के क़ाबिल बन सके।
मिटिंग मे मुख्य रूप से क़ारी मोहम्मद इमरान अशरफ़ी साहब, नोमान अकरम हामिद अशरफी, अय्यूब दानी अशरफ़ी, सलीम अशरफी चिश्ती, रफ़ीक तालिब, आबिद अशरफी, अफरोज़ अशरफी सोनी, मीर क़ासिम अशरफी, राजा भाई, ताहिर अशरफी, तौक़ीर अशरफी, अनवर अशरफी, अल्ताफ़ अशरफी चीना, राहेल अशरफी ( पिंटू), हाशिम सरानी अशरफी, कबीर अशरफ़ी, एजाज़ अशरफी वग़ैरह शामिल हुए और कौम ओ मिल्लत के सुनहरे मुस्तक़बिल से ताल्लुक रखती हुई हर ज़रूरत को मद्देनज़र रखते हुए काम करने और अपने पैग़म्बर और सूफिया ए केराम के अख़लाक़ी किरदार को अपनी हमवतन कौम तक पहुँचाने की हर मुमकीन कोशिश करने का वादा किया।
सलीम अशरफी चिश्ती ने अब तक यूनिट द्वारा किये गए कामों का मुख्तसर ब्यौरा पेश किया “नफ़रत किसी से नहीं, मोहब्बत सबके लिए” इस पैग़ाम और मुल्क की तरक़्क़ी शांति और खुशहाली की दुआ पर इस मीटिंग का इख्तेताम हुआ।




