छत्तीसगढ़

बस्तर में 108 माओवादियों का आत्मसमर्पण, 3 करोड़ से अधिक का था इनाम

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जगदलपुर । बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 44 महिला कैडर सहित कुल 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी नक्सलियों पर सरकार द्वारा कुल 3 करोड़ 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

लगातार सुरक्षा बलों के दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में हथियार और नकदी भी बरामद हुई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस आत्मसमर्पण के बाद कांकेर जिले में अब केवल 21 हथियारबंद नक्सली सक्रिय रह जाएंगे। प्रशासन ने 31 मार्च से पहले जिले को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान को और तेज कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के ठिकानों से एके-47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल सहित कुल 101 हथियार जमा किए गए हैं। इसके अलावा 3 करोड़ 62 लाख रुपये नकद और करीब एक किलो सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये आंकी गई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी राज्य सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी को पुनर्वास के तहत आवश्यक सहायता और सुविधाएं प्रदान करेगी।

जारी आंकड़ों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसीएम – 6, सीवाईपीसीएम – 3, पीपीसीएम – 18, एसीएम – 23 और पार्टी सदस्य – 56 शामिल हैं। जिलेवार आंकड़ों में बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर के कई क्षेत्रों के माओवादी शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

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