वॉल्वो बसों में भीषण टक्कर: कंडक्टर की मौत, छत्तीसगढ़ के 5 यात्री घायल

जालंधर। पंजाब के पठानकोट में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां दो वॉल्वो बसों की टक्कर में एक कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। हादसा माधोपुर के पास डिफेंस रोड पर NH-44 ढाबे के सामने हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, दोनों बसें जम्मू-कश्मीर से दिल्ली की ओर जा रही थीं। इसी दौरान टी-पॉइंट पर एक बस के ओवरटेक करने की कोशिश में दूसरी बस से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बसों को भारी नुकसान पहुंचा और एक बस के कंडक्टर बलवंत सिंह (निवासी अमृतसर) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल पठानकोट के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और अन्य यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हादसे में घायल यात्रियों में छत्तीसगढ़ के गुरप्रीत कौर, राजेंद्र कौर, जुझार सिंह सहित अन्य यात्री शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मोहम्मद खनित और जम्मू के अर्जुन सिंह भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहित टाक ने बताया कि दोनों बसें निजी ऑपरेटर की थीं और हादसा तेज गति और जल्दबाजी में ओवरटेक करने के कारण हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक बस सीधे मार्ग पर चल रही थी, जबकि दूसरी बस ने आगे निकलने की कोशिश में टक्कर मार दी। हादसे के दौरान बस में सवार यात्री अमन (निवासी दिल्ली) ने बताया कि रात करीब 2 बजे सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक तेज धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सड़क सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा। घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने अन्य यात्रियों को दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है और बस चालकों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय बसों की गति और चालक की लापरवाही किस हद तक जिम्मेदार थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर तेज गति और ओवरटेकिंग की जल्दबाजी अक्सर ऐसे गंभीर हादसों का कारण बनती है। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तेज गति से बचें और ओवरटेक करते समय पूरी सावधानी बरतें। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं।




