पुज्य आर्यिकाओं के सड़क दुर्घटना में देवलोक से जैन समाज में रोष

रायपुर: विगत दिनों आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं आचार्य समय सागर जी महाराज की आज्ञानुवृति शिष्या रीवा ( मध्यप्रदेश ) में एक वाहन चालक के द्वारा बेतरतीब तरीके से वाहन चलाते हुए रोड किनारे पद विहार करते हुए 105 पुज्य आर्यिका श्रुतमती माता जी एवँ 105 पुज्य आर्यिका उपशम मती माता जी को ठोकर मारी जिससे दोनों माता जी का असमय देवलोक हो गया. जिसका सम्पूर्ण जैन समाज घोर विरोध करता है. विदित हो कि जैन समाज के साधू, संत एवं साध्वी अपने सम्पूर्ण जीवन में केवल पद विहार करते हैं, किसी भी प्रकार के वाहन का प्रयोग नहीं करते हैं. *उपरोक्त घटना के विरोध में संपूर्ण भारत वर्ष जैन समाज के द्वारा मौन रहते हुए शांति मार्च निकाल कर शहर, ग्राम एवं कस्बे स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं सम्बन्धित उच्च अधिकारियों को घटना के सम्बंध में ज्ञापन सोंपा गया .इसी तारम्य में कचना ,अमलतास स्थित श्री मुनि सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भाई सुरेश मोदी के नेतृत्व में शांति मार्च निकाल कर दोनों साध्वीयौ को विनयांजलि अर्पित की गई* …उपरोक्त अवसर पर भाई मोदी ने अपनी विनयांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “” जिन चरणों ने संयम, साधना का संदेश दीया, न किसी से कोई बैर था न किसी से कोई शिकायत..अपना संयम और साधना का जीवन जीते थे…आप दोनों का असमय देवलोक हो जाना दो दीपो का असमय बुझ जाना है “उपरोक्त जानकारी मन्दिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने दी…विजय जैन 91112 10123




