छत्तीसगढ़

फर्जी सर्पदंश मुआवजा कांड का खुलासा, वकील-बैंककर्मी समेत 4 गिरफ्तार

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बिलासपुर । फर्जी सर्पदंश से मौत दिखाकर शासन से मुआवजा दिलाने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सरकंडा पुलिस ने मामले में वकील, बैंककर्मी, तहसीलदार के ड्राइवर और एक अन्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

मामला विधानसभा में उठने के बाद जिला प्रशासन की शिकायत पर जिले के विभिन्न थानों में फर्जी सर्पदंश से मौत के 15 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने पुराने प्रकरणों की जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड वकील हीराप्रसाद खांडेकर था, जिसने बैंककर्मी, तहसीलदार के ड्राइवर और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी शपथपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दस्तावेज तैयार कराए। इसके जरिए सामान्य मौत को सर्पदंश से हुई मौत बताकर मृतकों के परिजनों को शासन की योजना के तहत 4 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि चारों आरोपी कोनी थाना क्षेत्र के एक मामले में भी शामिल हैं। पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आगे पूछताछ करेगी। वहीं, पूर्व में इसी मामले में एक वकील समेत तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

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