शिक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं की हुंकार, 19 जुलाई के जनआंदोलन की तैयारी तेज

- एडीएम को सौंपी गई सूचना, घड़ी चौक से डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक निकलेगा जनआंदोलन, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
रायपुर । देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में रायपुर में युवाओं का जनआंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सर्व समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर के अपर जिला दण्डाधिकारी (एडीएम) को 19 जुलाई को आयोजित होने वाले जनआंदोलन की औपचारिक सूचना सौंपी।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि 19 जुलाई (रविवार) को दोपहर 12:00 बजे रायपुर के घड़ी चौक से डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक जनआंदोलन निकाला जाएगा। इसके पश्चात डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक से माननीय राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए राजभवन की ओर प्रस्थान किया जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर प्रभावी रोक, सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
इससे पूर्व राजधानी रायपुर के घड़ी चौक में सर्व समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के युवाओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जिससे युवाओं में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
बैठक में 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित बड़े आंदोलन का समर्थन करने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही रायपुर से उठने वाली इस आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने तथा शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की गई।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी युवाओं एवं नागरिकों से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन में शामिल होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को सफल बनाने की अपील की।




