सावन उत्सव में होगा साहित्य का महाकुंभ: सांसद लक्ष्मी वर्मा रहेंगी मुख्य अतिथि
रायपुर। जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान, छत्तीसगढ़ द्वारा आगामी 16 अगस्त 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल, सिविल लाइन में “पुस्तक विमोचन समारोह एवं सावन उत्सव” का भव्य आयोजन किया जाएगा। साहित्य, संस्कृति और सृजनधर्मिता को समर्पित इस कार्यक्रम में प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में आमंत्रित सभी अतिथियों एवं साहित्य प्रेमियों का संस्थान में आत्मीय स्वागत।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा होंगी, जबकि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, विश्व हिंदी महासंघ के निदेशक नर्मदा प्रसाद मिश्र ‘नरम’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा तथा कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज सभा एवं शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सीमा निगम तथा संचालन पतंजलि मिश्र ‘परम’ करेंगे।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे सावन आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगी ।मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं सभी विशिष्ट अतिथियों के आगमन के बाद पुस्तक विमोचन का मुख्य समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन ईश वंदना गीत से किया जाएगा। कार्यक्रम में बलौदाबाजार के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार राजेश मिश्रा की दो कृतियों “सर्द सुबह का सूरज” तथा “मेरे गीतों में तुम” पर परिचर्चा होगी। महाराष्ट्र की ख्यातिलब्ध लेखिका एवं गीतकार सुमन गोपाल दुबे ‘स्वामिनी’ की पुस्तकों “सत्रहवाँ श्रृंगार” एवं “दो ही पंक्तियाँ” पर चर्चा की जाएगी।भाटापारा की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सीमा अवस्थी ‘मिनी’ की पुस्तकों “शानविका” तथा “भावना के रंग” पर साहित्यिक परिचर्चा आयोजित होगी।मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन होंगे। सावन आधारित पुनः प्रस्तुति के पश्चात महोत्सव के विजेता को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाएगा तथा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।संस्थान की ओर से जारी आमंत्रण के अनुसार इस गरिमामयी आयोजन के लिए कार्यक्रम संयोजक डॉ सीमा निगम व डॉ. सीमा अवस्थी ‘मिनी’, सुमन गोपाल दुबे ‘स्वामिनी’ एवं राजेश मिश्रा ने प्रदेश के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, पाठकों एवं साहित्य प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।साहित्य एवं संस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित यह सावन उत्सव साहित्य, संस्कृति और सृजन के समागम के रूप में प्रदेश के साहित्यिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आयोजन सिद्ध होने की उम्मीद है।


