छत्तीसगढ़

जिले में धान खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त सुविधाएं, अवैध धान पर सख्त कार्रवाई जारी

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सूरजपुर, कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन में जिले के समस्त धान खरीदी केंद्रों में पर्याप्त सुविधाओं के साथ धान खरीदी का कार्य सुचारु रूप से किया जा रहा है। शासन द्वारा किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। इसके साथ ही जिले में अवैध धान भंडारण, खरीदी एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा अब तक कुल 3376.6 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है। इसी क्रम में विगत दिवस 13 दिसंबर 2025 को ग्राम डबरीपारा निवासी अजय कुमार साहू, पिता बैजनाथ साहू (उम्र लगभग 32 वर्ष) के दुकान एवं गोदाम में बिना लाइसेंस अवैध रूप से धान खरीदकर भंडारित किए जाने पर 270 बोरी धान, जिसका वजन लगभग 108 क्विंटल है, जप्त किया गया।

इसी दिन ग्राम गंगौटी, तहसील भैयाथान निवासी शिवबरन सिंह, पिता रामशरण सिंह (उम्र 37 वर्ष) के दुकान, गोदाम एवं आंगन में बिना लाइसेंस अवैध रूप से धान खरीदकर भंडारित किए जाने के मामले में 740 बोरी धान, जिसका वजन लगभग 296 क्विंटल है, जप्त किया गया।


कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की सीमाओं एवं सभी चेक पोस्टों पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन को रोकने के लिए 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है। संदिग्ध वाहनों एवं परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आंतरिक चेक पोस्टों पर भी टीमों की तैनाती की गई है। निगरानी दल द्वारा रात्रिकालीन गश्त के साथ-साथ संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी।

जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान, कोचियों एवं बिचौलियों से संबंधित शिकायत दर्ज कराने हेतु खाद्य विभाग कॉल सेंटर नंबर: 1800-233-3663, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर/कॉल सेंटर: 07775-286116

जारी किए गए हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम एवं मोबाइल नंबर पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। जिला प्रशासन ने किसानों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल दें, ताकि धान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु बनाया जा सके।

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