छत्तीसगढ़

भीषण हृदयाघात के बाद दिल ने लगभग काम करना किया बंद, उन्नत ECMO तकनीक से 56 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन

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रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर में आपातकालीन उपचार, ईसीएमओ जीवन रक्षक प्रणाली और एंजियोप्लास्टी से बचाई गई मरीज की जान

रायपुर| रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर के चिकित्सकों ने 56 वर्षीय एक मरीज की जान बचाकर गंभीर हृदय आपातकाल के उपचार में बड़ी सफलता हासिल की। मरीज को भीषण हृदयाघात के बाद अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। हृदयाघात के कारण उनका हृदय बुरी तरह प्रभावित हो चुका था और शरीर के अन्य अंगों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पा रहा था। उनकी जान को तत्काल खतरा था। रायपुर निवासी 56 वर्षीय राजेश साहू (नाम परिवर्तित) को सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली तीनों प्रमुख धमनियां गंभीर रूप से अवरुद्ध थीं। इसके साथ ही फेफड़ों में पानी भर गया था, हृदय की धड़कन अनियमित हो गई थी और हृदय की रक्त पंप करने की क्षमता भी काफी कम हो चुकी थी, जिससे उनकी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सबसे पहले रक्त के थक्के को घोलने वाली आपातकालीन दवा देकर हृदय तक रक्त प्रवाह बहाल करने का प्रयास किया। लेकिन समय पर उपचार शुरू होने के बावजूद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। मरीज की जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने तुरंत एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) तकनीक का सहारा लिया। यह गंभीर हृदय और फेफड़ों के मरीजों के लिए उपलब्ध सबसे उन्नत जीवन रक्षक तकनीकों में से एक है। इस तकनीक ने कुछ समय के लिए मरीज के हृदय और फेफड़ों का कार्य संभाला, जिससे पूरे शरीर में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बनी रही। इससे चिकित्सकों को मरीज की स्थिति स्थिर करने और सुरक्षित तरीके से जीवनरक्षक एंजियोप्लास्टी करने का समय मिल गया। मरीज की स्थिति नियंत्रित होने के बाद चिकित्सकों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी की, जिसमें कई गंभीर अवरोधों की पुष्टि हुई। इसके बाद आपातकालीन एंजियोप्लास्टी कर हृदय की मुख्य धमनी में दवा युक्त विशेष स्टेंट लगाया गया, जिससे रक्त प्रवाह सामान्य हो गया। उपचार और गहन हृदय देखभाल के बाद मरीज की धड़कन सामान्य हो गई, हृदय की कार्यक्षमता धीरे-धीरे बेहतर होने लगी और उन्होंने उल्लेखनीय रूप से स्वास्थ्य लाभ किया। कुछ दिनों तक गहन चिकित्सा इकाई में उपचार के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वे घर पर स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। मरीज का उपचार डॉ. विनोद आहूजा, सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोथोरेसिक सर्जरी; डॉ. प्रणय अनिल जैन, सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोलॉजी; डॉ. कल्पेश अग्रवाल, कंसल्टेंट – कार्डियोथोरेसिक सर्जरी; डॉ. सुशील जैन, सीनियर कंसल्टेंट – पल्मोनोलॉजी; डॉ. विशाल कुमार, सीनियर कंसल्टेंट – क्रिटिकल केयर मेडिसिन; तथा डॉ. उज्ज्वला पांडुरंग म्हात्रे, सीनियर कंसल्टेंट – क्रिटिकल केयर मेडिसिन की टीम ने किया। सभी विशेषज्ञों के समन्वित प्रयासों ने मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. विनोद आहूजा, सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर ने कहा, “यह हमारे सामने आए सबसे जटिल हृदय आपातकालीन मामलों में से एक था। मरीज को भीषण हृदयाघात के साथ हृदय की पंपिंग क्षमता में गंभीर कमी, फेफड़ों में पानी भरने और हृदय की अनियमित धड़कन जैसी गंभीर समस्याएं थीं। ऐसे मरीजों में मृत्यु का खतरा बहुत अधिक होता है। ईसीएमओ ने इस दौरान हृदय और फेफड़ों का कार्य अस्थायी रूप से संभालकर मरीज की स्थिति स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे हम सुरक्षित तरीके से आगे का उपचार कर सके। आधुनिक तकनीक और विभिन्न विशेषज्ञों के बेहतर समन्वय से मरीज की जान बचाई जा सकी।” डॉ. प्रणय अनिल जैन, सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोलॉजी ने कहा, “हृदयाघात की स्थिति में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। सीने में लगातार दर्द, अत्यधिक पसीना आना, अचानक सांस फूलना या दर्द का बाएं हाथ, कंधे अथवा जबड़े तक फैलना जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर अस्पताल पहुंचने से जान बचाई जा सकती है और हृदय को स्थायी नुकसान से भी बचाया जा सकता है।” डॉ. संदीप दवे, क्लीनिकल एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर ने कहा, “ऐसे गंभीर हृदय रोगियों का सफल उपचार केवल अत्याधुनिक तकनीक से संभव नहीं होता, बल्कि इसके लिए विभिन्न विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास भी आवश्यक होते हैं। ईसीएमओ, अत्याधुनिक कैथ लैब और समग्र क्रिटिकल केयर सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से सबसे जटिल हृदय आपातकालीन मामलों में भी मरीजों को बेहतर उपचार मिल पाता है।” रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर मध्य भारत के चुनिंदा अस्पतालों में शामिल है, जहां 24×7 ईसीएमओ समर्थित एडवांस कार्डियक इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां विशेषज्ञ चिकित्सक अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से सबसे जटिल और गंभीर हृदय रोगियों का सफल उपचार कर रहे हैं। ECMO क्या है?एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) एक अत्याधुनिक जीवन रक्षक तकनीक है, जिसका उपयोग उन मरीजों में किया जाता है जिनका हृदय या फेफड़े सामान्य रूप से काम नहीं कर पाते। यह मशीन कुछ समय के लिए हृदय और फेफड़ों का कार्य अपने हाथ में ले लेती है। यह शरीर से रक्त निकालकर उसमें ऑक्सीजन मिलाती है, कार्बन डाइऑक्साइड को अलग करती है और रक्त को वापस शरीर में पहुंचाती है। इससे चिकित्सकों को मूल बीमारी का उपचार करने के लिए आवश्यक समय मिल जाता है और मरीज के महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित रहते हैं। *About Ramkrishna CARE Hospitals*Ramkrishna CARE Hospitals is part of Aster DM Quality Care Limited, one of India’s leading integrated healthcare providers, formed through the merger of Aster DM Healthcare Limited and Quality Care India Limited. The combined network brings together four leading healthcare brands—Aster DM, CARE Hospitals, Evercare and KIMSHEALTH—across 39 hospitals in 28 cities with over 10,600 beds. As one of Central India’s leading tertiary care hospitals, Ramkrishna CARE Hospitals is recognised for managing complex medical and surgical cases across multiple specialties. With advanced technologies, experienced clinicians and dedicated centres of excellence in cardiac sciences, oncology, neurosciences, organ transplantation and critical care, the hospital continues to deliver world-class, patient-centric healthcare with a strong focus on clinical excellence and positive outcomes. *For more information, please contact:*Raju Reddy MuppaLead – PR & Media Communications (India-2)Aster DM Quality Care Ltd.M: +91 9346076750

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