अमेरिका अपने फाइटर प्लेन के पायलट को खोज निकालने का दावा कर रहा, जो ईरान ने मार गिराया था

नई दिल्ली। पिछले 24 घंटों से जारी अनिश्चितता के बाद, फाइनली अमेरिका ने अपने उस पायलट को खोज निकाला है, जो ईरान में मार गिराए गए F-15E ईगल के बाद लापता हो गया था।यह अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था. हालांकि, इस ऑपरेशन ने एक बार साबित कर दिया कि अमेरिकी मिलिट्री इस तरह के ऑपरेशन को कैसे सफलतापूर्वक अंजाम देती है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी फौज की तारीफ की है. यह बचाव अभियान किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था. अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस की रेस्क्यू टीमों को पायलट तक पहुंचने के लिए ईरान की धरती पर भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा. जिस पायलट को रेस्क्यू किया गया है, वह अमेरिकी एयरफोर्स में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर है। दरअसल शुक्रवार को कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी एयरक्राफ्ट को ईरान ने निशाना बनाया गया था, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि दूसरा पायलट लापता हो गया था. इसके ईरान में गिरे होने की सूचना थी. ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में लापता अमेरिकी पायलट को ना केवल अमेरिका सेना खोज रही था बल्कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर ‘सर्च ऑपरेशन’ शुरू कर दिया था. आईआरजीसी ने पायलट को खोजने के लिए सैनिकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी अपील की थी और पायलट को जिंदा पकड़ने पर लगभग 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम रखा गया था। ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इसे लेकर बयान तक जारी कर दिया था. गलिबाफ ने इसे जंग का ‘टर्निंग पॉइंट’ करार देते हुए कहा कि अब युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है. उन्होंने कहा कि जो जंग कभी ‘सत्ता परिवर्तन’ के दावों से शुरू हुई थी, वह अब ज़मीन पर ‘अमेरिकी पायलटों के शिकार’ तक सिमट गई है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और कड़ा करते हुए उसे 48 घंटे का अंतिम समय दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान के पास ‘समझौता करने या होर्मुज को खोलने’ के लिए अब केवल दो दिन का समय बचा है, अन्यथा उस पर ‘कहर’ बरपेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को उसके पुराने अल्टीमेटम की याद दिलाई. रिपोर्ट उन्होंने लिखा, ‘याद रखिए जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था. अब समय तेजी से खत्म हो रहा है. उन पर कहर टूटने में बस 48 घंटे बाकी हैं।




