छत्तीसगढ़

भिमाई महिला मंडल द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर ‌ सावित्रीबाई फुले के कार्यों को किया याद

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-भिलाई :- माता सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर भिलाई के कोसा नगर बुद्ध भूमि में दिनांक 10 मार्च 2026 दिन मंगलवार को श्रद्धा सुमन अर्पित कर देश की पहली महिला शिक्षिका ,महान समाज सुधारक और मराठी कवयित्री माता सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर कोसा नगर भिलाई के भिमाई महिला मंडल द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर ‌ सावित्रीबाई फुले के कार्यों को याद किया गया। कोसा नगर बुद्ध भूमि में स्थापित माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा के पास आज भिमाई महिला मंडल कोसा नगर की समस्त महिलाएं उपस्थित हुई और शिक्षा की देवी माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्ती तथा अगरबत्ती प्रज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।भिमाई महिला मंडल की अध्यक्षा दानशीला रामटेके ने अपने उद्बोधन में कहा कि अगर सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार नहीं खोले होते तो आज भी महिलाएं अशिक्षित होती। महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खुलने से आज देश की राष्ट्रपति से लेकर अस्पताल और अन्य जगह महिलाएं अपना कार्य बखूबी निभा रही है‌ सावित्रीबाई फुले ने महिला सेवा मंडल की स्थापना की और गर्भवती बलात्कार पीड़ितों के लिए बाल हत्या प्रतिबंधक गृह खोला । सचिव आयुष्मति कोमल चंद्रिका पुरे ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर सामाजिक समानता के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की ‌ ।वे एक कवियत्री थी और उनकी प्रसिद्ध कृतियों में काव्य फूले और बावनकशी सुबोध रत्नाकर शामिल है। डॉक्टर उदय धाबर्डे सीएमओ सेक्टर 9 ने इस अवसर पर कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ‌ महिला शिक्षा को प्रोत्साहित किया।।बाल विवाह सती प्रथा का विरोध किया और विधवा पुनर्विवाह की वकालत की ।उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि शिक्षा हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत जरूरी है और समाज के हर व्यक्ति का शिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है तभी हमारा राष्ट्र विकसित होगा। जीवन के अंतिम क्षणों तक वह समाज के भलाई के लिए काम करती रही और 1897 में पुणे में प्लेग की महामारी के दौरान मरीजों की सेवा करते हुए 10 मार्च 1897 को उनका निधन हुआ था। सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन प्रकट करने ‌ माया सुखदेवे,मंजूषा मेश्राम, विनीता भालेकर,रानू कोल्हाटकर, मंगला रामटेके, अनीता गुर्दे, आशा सुखदेवे,मीनाक्षी मून शिल्पा बंसोड़,लक्ष्मी मेश्राम, पल्लवी चंद्रिकापुरे,संगीता रामटेके, विनीता रंगारी,सरिता चंद्रिकापुरे,वंदना बोरकर, पवरना मेश्राम आदि उपस्थित थे

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