मिसाइल नहीं होती तो ईरान भी गाज़ा बन जाता: मसूद पेजेशकियन

इस्लामाबाद । 26 जून।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ 23 जून को प्रेस कांफ्रेंस में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पत्रकारों से एक बहुत बड़ी बात कह दी।
उन्होंने कहा अगर ईरान के पास अपने डिफेंस मिसाइल्स नहीं होते, तो इजरायल और अमेरिका, ईरान को भी ठीक वैसे ही तबाह कर देते जैसे उन्होंने गाज़ा को किया, न बुज़ुर्ग बचते, न बच्चे।
उन्होंने ने एक बात बिल्कुल साफ कर दी, ईरान के मिसाइल्स US के साथ हुए MoU का हिस्सा नहीं थे, और कभी नहीं होंगे। उन्होंने कहा: “हम अपनी defense capabilities किसी से, कभी, negotiate नहीं करेंगे।”
उन्होंने ये भी कहा कि जो देश Human Rights की बात करते हैं, वही देश जब मौका मिलता है तो सबसे पहले निहत्थी कौम को ही निशाना बनाते हैं — उनके शब्दों में, ये “एक बड़ा झूठ” है।
पाक के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी इस बात का समर्थन किया कि ballistic missiles कभी डील का हिस्सा नहीं थे, और जो हक़ बाकी मुल्कों को है, वही हक़ ईरान को भी है।
ये सिर्फ एक statement नहीं है ये एक सीधा सा सच है: जिसके पास अपनी ताकत नहीं होती, उसकी इज़्ज़त भी नहीं होती। निहत्था कौम सिर्फ रहम की भीख मांग सकती है, इज़्ज़त की बात नहीं कर सकती।




