सिद्ध चक्र महामंडल विधान…64 अर्घ्य समर्पित किए गए


रायपुर: अमलतास केसल, कचना स्तिथ 1008 श्री मुनि सुब्रत नाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टान्हीका पर्व के अवसर पर चल रहे आठ दिवसीय ” श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान ” कि आराधना के चतुर्थ दिवस पर 64 अर्ध्य अर्पण किए गए. उपरोक्त अवसर पर भाई सुरेश मोदी नें अपने उद्बोधन में बताया कि यह 64 अर्घ्य आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक शांति के लिए पंच परमेष्ठि और सिद्धों के अनंत गुणों की आराधना को समर्पित होता है. चतुर्थ दिवस अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधू परमेष्ठि की साधना कर कर्मों का क्षय किया जाता है. इस दिन पूजा कर अर्घ्य समर्पण करने से आत्म बल में वृद्धि होती है एवं सांसारिक विकारों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. उपरोक्त आठ दिवसीय विधान के चतुर्थ दिवस पर प्रात:7 बजे से जलाभिषेक ,शान्ति धारा, नित्य पूजन के पश्चात विधि विधान के अनुसार श्री सिद्ध चक्र विधान की भक्तिमय आराधना एवं शाम को संगीत मय आरती की जाएगी. उपरोक्त जानकारी मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने दी।
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