मिनीमाता स्मृति दिवस समारोह में 300 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान



छत्तीसगढ़ के विकास, उन्नति व सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कराने मिनीमाता का अहम योगदान:पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर/ छ.ग.की प्रथम महिला सांसद होने का गौरव प्राप्त मिनीमाता की 54 वी.पुण्यतिथि पर मंगलवार को गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा राजश्री सद्भावना समिति के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय “मिनीमाता स्मृति दिवस व प्रतिभा सम्मान समारोह” का आयोजन वृंदावन हॉल में आयोजित किया गया जहां माताजी की स्मृति में समाजोत्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आई 101 महिलाओं सहित 10वीं/12वीं बोर्ड के प्रतिभावान बच्चों, नीट चयनित व खेल जगत से जुड़ी हुई हस्तियों को मिलाकर 300 से भी अधिक प्रतिभाओं को साल, साड़ी, प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, कॉपी ,पेन व फलदार वृक्ष भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम आयोजन समिति संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया,अध्यक्ष के.पी.खण्डे एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि सर्वप्रथम बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग प्रातः अपनी गुरु माता को नमन करने पंडरी बस स्टैंड पहुंचे जहां उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धा के फूल चढ़ाकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।मुख्य आयोजन वृंदावन हाल में संपन्न हुआ। राजधानी में मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल आरती व भजन के साथ हुआ जंहा अतिथियों द्वारा “मिनीमाता के शोध पर आधारित पुस्तक तथा गुरु घासीदास जी के उपदेश व आरती संग्रह का विमोचन कर 300 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मिनीमाता जी छ.ग. की पहली ऐसी महिला थी जो सांसद बनके दिल्ली पहुंची उन्होंने नारी शिक्षा सहित छ.ग. की अनेकों विकास,उन्नति व सिंचाई परियोजनाओं के लिए निरंतर कार्य करते रही उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए लोकसभा में अस्पृश्यता निवारण विधेयक पारित कराने में अपना अमूल योगदान दिया था।कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि सारंगढ़ की पूर्व विधायक पद्मा मनहर, राजश्री सद्भावना समिति की अध्यक्ष श्रीमती शकुन डहरिया तथा लखनऊ से आए बाबा कमलेश दास ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर अध्यक्ष के.पी. खण्डे, डॉ.जे.आर. सोनी,डी.एस. पात्रे, चेतन चंदेल, सुंदर लाल जोगी, एम.डी. माहिलकर, जी.आर. बाघमारे, के.एल.रवि, चंपादेवी गेंदले, डॉ. कल्याण रवि, आशा पात्रे, संगीता पाटले, खेदु बंजारे,प्रकाश बंदे, अरुण मंडल, पं. अंजोरदास बंजारे, टिकेंद्र बघेल, कृपाराम चतुर्वेदी, लाला पुरेना, रघुनाथ भारद्वाज ,मनीष कोसरिया, घासीदास कोसले, नंदू मारकंडे, मानसिंह गिलहरे ,संतोष महिलांग, तुलाराम टंडन, आसाराम लहरे, मनमोहन कुर्रे, गुलाब महिलांग, सुभाष कुर्रे, सरस्वती राघव, गोंदा बारले, संगीता बालकिशोर, सुनंदा बघेल, ममता कुर्रे सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।




