छत्तीसगढ़

मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट: किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त पौधों का नया समाधान

सालाना 20 लाख पौधों का उत्पादन, समय और लागत दोनों में लाभ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार कृषि क्षेत्र में ऐसे तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिले और उनकी आय में वृद्धि हो। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समृद्ध किसान – सशक्त छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। 

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सूरजपुर जिले में स्थापित मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिटें किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार साबित हो रही हैं। ये यूनिटें, जिनमें से एक शासकीय उद्यान दतिमा में और दूसरी शासकीय उद्यान खोरमा में स्थित है, किसानों को गुणवत्तायुक्त और स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराकर पारंपरिक बुवाई की चुनौतियों से मुक्ति दिला रही हैं। दोनों यूनिटों की संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख पौधों की है, जहाँ करेला, टमाटर, बैंगन, गेंदा, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, खीरा और तरबूज जैसी विभिन्न प्रकार की सब्जियां, मसाले और फूलों के पौधे तैयार किए जाते हैं। 

इन यूनिटों में तैयार किए गए पौधे कीट-व्याधि से मुक्त, स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है। यदि किसान अपने बीज उपलब्ध कराते हैं, तो उन्हें मात्र 1.00 रुपये प्रति पौधा की दर से पौधे मिलते हैं, जबकि विभागीय बीज से तैयार पौधे 1.50 रुपये प्रति पौधा की दर से उपलब्ध कराए जाते हैं। किसानों की मांग पर, ये यूनिटें टमाटर और बैंगन के ग्राफ्टेड पौधे भी तैयार करती हैं, जो अधिक उपज देने में सहायक होते हैं। बीज से पौधे तैयार होने में सामान्यतः 25 से 30 दिन का समय लगता है, जिससे किसानों को समय पर रोपण के लिए उन्नत किस्म के पौधे मिल जाते हैं। यह सुविधा किसानों को पारंपरिक बीज बुवाई की समय लेने वाली और श्रमसाध्य प्रक्रिया से बचाती है, साथ ही उन्हें आधुनिक, तेज और विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती है। जो सीधे तौर पर विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है।

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