बुढ़ापे में सुनाई नही देना बड़ी समस्या – श्रवण यन्त्र ही सहारा

*भगवान महावीर जन्मकल्याणक पर साधर्मिक व अनुकम्पा सेवा सप्ताह का आगाज़
*जैन संवेदना ट्रस्ट ने 19 बुजुर्गों व बच्चों को दिये श्रवण यन्त्र
रायपुर। भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर जैन संवेदना ट्रस्ट ने आज से साधर्मिक भक्ति व अनुकम्पा सेवा सप्ताह का आरम्भ किया है । सेवा सप्ताह के आरम्भ में 19 दिव्यांगों को श्रवण यन्त्र वितरित किए गए । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने इस अवसर पर कहा कि मानवता की सेवा जीवन का सर्वोत्तम कार्य है । जीवन भर सुनने के बाद जब बुढ़ापे में कम सुनाई देने लगता है तो बड़ी समस्या पैदा हो जाती है । इस वक़्त श्रवण यन्त्र ही बड़ा सहारा होता है । जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा गूंगे बहरे लोगों का परीक्षण कर श्रवण यंत्र का वितरण किया जाता है । ट्रस्ट के वीरेन्द्र डागा व गुलाब दस्सानी ने बताया कि 3 बच्चों में कु उषा को जन्म से सुनाई नही देता था , डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि श्रवण यन्त्र लगाकर उषा सुन सकती है । श्रवण यन्त्र लगाकर तीनों बच्चे सुनने लगे हैं । सभी के माता पिता प्रफुल्लित होकर जैन समाज का आभार जताया है । भगवान महावीर जन्मकल्याणक के आरम्भ में ही तीन बच्चों के अलावा 16 बुजुर्गों को भी श्रवण यन्त्र देकर सुनने की समस्या से निजात दिलाई । जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा मूक पशु पक्षियों की सेवा , मानव सेवा के अंतर्गत श्रवण यन्त्र , कृत्रिम हाथ , कैलिपर्स , वैशाखी , बी पी नापने की मशीन , शुगर टेस्टिंग मशीन का निःशुल्क वितरण तथा मानव कल्याण में साधर्मिक भाई बहनों के स्वावलंबी जीवन , व्यवसायिक उत्थान व विवाह योजना पर लगातार कार्य किये जाते हैं । जिन बच्चों बुजुर्गों को कम सुनाई देता है वे आड़ियोमैट्री जांच करवा कर महेन्द्र कोचर 9301056004 व विजय चोपड़ा 9301739494 से सम्पर्क कर सकते हैं ।




