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दुनिया में रौब झाड़ने वाले अमेरिका को ईरान ने हिलाकर रख दिया, बीते 24 घंटे ट्रंप के लिए बेहद भारी

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नई दिल्ली 4 अप्रैल। पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक और अनिश्चित दौर में पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गए हैं. ईरानी मीडिया की तरफ से कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं और दावा किया गया है कि कुवैत स्थित ‘कैंप बुहरिंग’ पर हुए ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना का एक ‘बोइंग CH-47 चिनूक’ भारी-भरकम हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह नुकसान पहुंचा है. जिसने वाशिंगटन के ‘एयर सुपीरियरिटी’ के दावों को कड़ी चुनौती दी है. जानकारी के मुताबिक, एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ईरान के भीतर सैन्य अभियान के दौरान क्रैश हो गया. इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है और उसके ईरान में कहीं छिपे होने की आशंका है। कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया गया, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा. लापता पायलट को खोजने के लिए भेजे गए दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान ने भारी गोलीबारी की जिसके बाद वे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. लगातार दो विमानों के नुकसान को इस युद्ध में अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। F-15E स्ट्राइक ईगल: ईरान की सीमा के भीतर एक F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया गया है. विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है. लापता क्रू मेंबर की तलाश में हाई-स्टेक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. A-10 वारथॉग: दो A-10 वारथॉग विमानों को निशाना बनाया गया. इनमें से एक फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया (पायलट सुरक्षित), जबकि दूसरे ने एक इंजन खराब होने के बावजूद इमरजेंसी लैंडिंग की। रेस्क्यू हेलीकॉप्टरों पर अटैक: लापता पायलट को खोजने निकले दो HH-60W जॉली ग्रीन II रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए।हालांकि क्रू सुरक्षित है, लेकिन कुछ जवान घायल हुए हैं. इमरजेंसी लैंडिंग: एक F-16 फाइटर जेट और दो KC-135 टैंकर विमानों को भी तकनीकी खराबी या हमले के बाद इमरजेंसी घोषित कर सुरक्षित लैंडिंग करनी पड़ी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिम इलाके में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने इसे जंग का टर्निंग पॉइंट बताते हुए कहा कि अब लड़ाई ‘सत्ता परिवर्तन’ से हटकर ‘अमेरिकी पायलटों की तलाश’ पर केंद्रित हो गई है. ईरानी अधिकारियों ने अपने नागरिकों से पायलट की सूचना देने या उसे पकड़ने का आग्रह किया है और एक क्षेत्रीय अधिकारी ने ‘शत्रु की सेनाओं’ को पकड़ने या मारने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ा इनाम देने की भी घोषणा की है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं को बहुत अधिक महत्व न देते हुए कहा, ‘यह जंग है और ऐसा होता रहता है.’ उन्होंने संकेत दिया कि इन नुकसानों से ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ट्रंप के उन दावों के विपरीत है जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायर के जरिए खतरा पैदा कर सकते हैं. हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर पा रहा, लेकिन दो विमानों के गिरने की घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और इसका असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ रहा है। ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयासों को खारिज कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रहे सीजफायर की कोशिशों को झटका लगा है. वहीं कुवैत के ऊर्जा ठिकानों पर हमले और तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है।

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