हाजी मलंग की चढ़ाई में 2 घंटे नहीं, अब महज 10 मिनट लग रहा, यूरोप जैसा सफ़र भी
ठाणे। हाजी मलंग की चढ़ाई में 2 घंटे नहीं, अब महज 10 मिनट लग रहा है, 20 साल इंतजार के बाद शुरू हुई फ्यूनिक्यूलर ट्रेन देरी के बाद जनवरी में शुरू हुई लेकिन बहुत अच्छी हुई। हाजी मलंग दरगाह या श्री मलंगगढ़ तीर्थस्थल के रूप में जाने जाने वाले हाजी मलंग में बहुप्रतीक्षित फ्यूनिकुलर रेलवे का भाजपा विधायकों किसान कथोरे और सुलभा गायकवाड़ द्वारा उद्घाटन किया गया था। कल्याण से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित, पहाड़ी पर स्थित यह तीर्थस्थल मुस्लिम और हिंदू दोनों द्वारा पूजनीय है। इसके जरिए लोग भारत में भी यूरोप जैसा सफ़र का आनंद उठा रहे हैं। यात्रा के दौरान बहुत ही खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलता है।
कल्याण के हाजी मलंग दरगाह या श्री मलंगगढ़ में लंबे समय से प्रतीक्षित 1.2 किलोमीटर लंबी फ्यूनिकुलर सेवा का संचालन जनवरी 2026 से शुरू हो गया है। इसके शुरू होने से अब जायरीनों को वहां पहुंचने में काफी सहूलियत मिल गई है। यह हिंदू और मुस्लिम दोनों के लिए पूजनीय पहाड़ी तीर्थस्थल है। हिंदू इसे मलंगगढ़ और मुसलमान इसे हाजी मलंग कहते हैं। इसका शुरू होना यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस सेवा के शुरू होने से, पैदल तय की जाने वाली कठिन यात्रा, जिसमें पहले लगभग दो घंटे लगते थे, अब केवल 10 मिनट में पूरी हो जाती है, जिससे तीर्थयात्रियों को काफी राहत मिली है। फ्यूनिकुलर रेलवे के शुरू होने से मलंगगढ़ तक पहुंच में काफी सुधार हुई है, जिससे तीर्थयात्रा सुरक्षित, तेज और कहीं अधिक सुविधाजनक हो गई है।




