समय पर खाद-बीज मिलने से़ खेती की राह हुई आसान

रायपुर, खरीफ सीजन की आहट के साथ किसानों की उम्मीदें भी खेतों की मेड़ों पर आकार लेने लगती हैं। अच्छी फसल का सपना तभी साकार होता है जब समय पर खाद और बीज उपलब्ध हो जाए। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रशासन और सहकारी समितियों की बेहतर तैयारी ने इस बार किसानों की चिंता को काफी हद तक दूर कर दिया है। ग्राम पाहंदा के किसान बालचंद बांधे इसका जीवंत उदाहरण हैं।
बालचंद बांधे वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े हैं। उनके लिए खेत केवल आय का साधन नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली और भविष्य की उम्मीदों का आधार हैं। इस वर्ष वे अपनी स्वयं की भूमि के अलावा रेगहा और अधिया पर ली गई जमीन को मिलाकर लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में धान की खेती करने जा रहे हैं। इतने बड़े रकबे में खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच बालचंद को भी यही चिंता थी कि कहीं खाद-बीज की कमी उनकी योजनाओं पर असर न डाल दे। लेकिन इस बार शासन और प्रशासन की सक्रिय व्यवस्था ने उनकी चिंता को विश्वास में बदल दिया। सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज समय रहते उपलब्ध हो गया।
अब स्थिति यह है कि खेती के महत्वपूर्ण दिनों का इंतजार करने के बजाय बालचंद ने पहले ही खाद-बीज का अग्रिम उठाव कर लिया है। इससे मौसम अनुकूल होते ही वे बिना किसी बाधा के बुआई और अन्य कृषि कार्य शुरू कर सकेंगे। समय पर उपलब्ध संसाधनों ने न केवल उनकी चिंता कम की है, बल्कि खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ाया है।
बालचंद कहते हैं, किसान की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि जरूरत के समय खाद और बीज मिलेंगे या नहीं। इस बार पहले से ही सारी व्यवस्था हो गई है। शासन और प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है, इसलिए खेती को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है। जिले में खाद-बीज वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था का लाभ हजारों किसानों को मिल रहा है। समय पर कृषि आदान उपलब्ध होने से किसान बेहतर योजना के साथ खेती की तैयारी कर रहे हैं और अच्छे उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ी है।