ऐतिहासिक चातुर्मास कलश स्थापना एवं ‘लघु तीर्थ’ निर्माण का महासंकल्प

रायपुर दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में गूंजेगी जैन धर्म की प्रभावना
रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की धरा पर इस वर्ष दिगंबर जैन धर्म की प्रभावना का एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक दृश्य कल देखने को मिलने वाला है। चातुर्मास की मंगल बेला नजदीक आते ही सकल जैन समाज में भारी उत्साह और उत्सुकता का माहौल है।रायपुर के मालवीय रोड स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर (बड़ा मंदिर) में इस सदी के महान समाधिस्थ आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज एवं वर्तमानाचार्य 108 श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 पुनीत सागर जी महाराज, ऐलक श्री 105 धैर्य सागर जी महाराज और ऐलक श्री 105 स्वागत सागर जी महाराज के सानिध्य में नवोदय तीर्थ 2026 वर्षायोग (चातुर्मास) की कलश स्थापना कल 2 अगस्त, दिन रविवार को दोपहर 1 बजे होने जा रही है। इस पावन अवसर पर मुनिश्री के सानिध्य में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मंगल देशना का आयोजन भी रखा गया है।150 वर्ष पुराने मंदिर का होगा कायाकल्प: बनेगा ‘लघु तीर्थ’श्री नवोदय तीर्थ वर्षायोग समिति 2026 के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जैन गुरुकृपा एवं कार्यकारी अध्यक्ष संजय जैन नायक ने बताया कि मालवीय रोड स्थित इस लगभग 150 वर्ष पुराने अतिशयकारी प्राचीन मंदिर का पुनर्निर्माण कर इसे ‘लघु तीर्थ’ बनाने की अंतिम देशना (मंगल आशीर्वाद) संत शिरोमणि समाधिस्थ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के रायपुर प्रवास के दौरान प्राप्त हुई थी। आचार्य श्री, जिनकी उत्कृष्ट यम समाधि डोंगरगढ़ में हुई, उनके द्वारा अपने अंतिम समय में इस नवीन जिनालय ‘लघु तीर्थ’ के निर्माण का मंगल आशीर्वाद मिलना रायपुर समाज के लिए परम सौभाग्य की बात है।ट्रस्ट कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य श्री की भावना के अनुरूप, यहाँ निम्नलिखित निर्माण कार्य कराए जाएंगे:-ऊंचे शिखर का 3 मंजिला भव्य मंदिर त्रिकाल चौबीसी और सहस्रकूट जिनालयसंत निवास एवं सर्वसुविधा युक्त धर्मशाला,पार्किंग और एक सुंदर गार्डन,अध्यक्ष संजय जैन नायक ने ऐतिहासिक संदर्भ साझा करते हुए बताया कि स्वयं परम पूज्य आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज ने इस नवीन जिनालय के लिए दिशा-निर्देश देते हुए यहाँ अखंड ज्योति प्रज्वलित करने हेतु कहा था। गुरु आज्ञा पर पालन करते हुए, दिनांक 25 जनवरी 2024 (तिथि पौष कृष्ण पूर्णिमा, वीर निर्माण संवत 2250, गुरुवार) को गुरु पुष्य नक्षत्र के परम पुण्य सुअवसर पर मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ भगवान की वेदी के समक्ष इस अखंड ज्योति की स्थापना की गई थी। यह अखंड ज्योत नवीन जिनालय लघु तीर्थ का कार्य प्रारंभ होकर पूर्ण होने तक अनवरत प्रज्वलित रहेगी। वर्तमान में समाज जनों के दर्शन के लिए यह अखंड ज्योति मूलनायक भगवान की वेदी के बाहर उपलब्ध है। अध्यक्ष श्री संजय जैन नायक ने समस्त समाज के धर्मप्रेमी बंधुओं, सभी मंदिरों के अध्यक्षों और सदस्यों से अपील की है कि आचार्य श्री के समक्ष हम सभी ने इस लघु तीर्थ के निर्माण को जल्द से जल्द शुरू करने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने का समय आ गया है। इस महासंकल्प को गति देने और शीघ्र पूरा करने के लिए पूरा सकल जैन समाज एक साथ मिलकर कार्य करेगा।सकल दिगंबर जैन समाज, रायपुर का मानना है कि आचार्य श्री के इस स्वप्न और संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए मुनिश्री आगम सागर जी महाराज ससंघ का रायपुर में चातुर्मास करना एक अत्यंत शुभ संकेत है।सूचनादाता:श्री सकल दिगम्बर जैन समाजश्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पंचायत ट्रस्ट, मालवीय रोड, रायपुर
