रायपुर में दावत-ए-इस्लामी का सुन्नतों भरा इज्तेमा हुआ


*रायपुर। 2 अगस्त को रायपुर में हज़रत फतेह शाह मस्जिद में दावत-ए-इस्लामी इंडिया का शानदार प्रोग्राम हुआ। जिसमें दावते इस्लामी इंडिया के प्रमुख सैय्यद आरिफ अली अत्तारी साहब मौजूद रहे। 2 अगस्त को जोहर की नमाज़ के लिए मै भी हज़रत फतेह शाह मस्जिद पहुंचा था नमाजियों की भीड़ देखकर जुमा की याद आ गई पहली बार जोहर में इतनी तादात में जमाती देखा मस्ज़िद ऊपर और नीचे जमातियों से खचाखच भरा हुआ था। दावते इस्लामी इंडिया का काम मेरे आका पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा की सुन्नतों को लोगों को समझाना और बताना होता है साथ ही समाज सुधार और विकास के लिए भी काम करते हैं। कोविड के दौरान अंतिम संस्कार कफ़न दफ़न का काम, राशन, दवा, फल वितरण का भी काम संगठन के नौजवानों ने बखूबी निभाया था। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी मुंबई के सैय्यद आरिफ अली अत्तारी साहब के पास है। जो 2 अगस्त को रायपुर तशरीफ लाए थे। उनके नूरानी बयान से काफी लोगों ने फायदा हासिल किया।**दावत-ए-इस्लामी इंडिया बरेली स्थिति खानकाह आला हजरत से जुड़े हैं और सुन्नियत को फैलाते हुए लोगों को नेकी की दावत देते हैं साथ ही समाज कल्याण, नैतिक सुधार तथा धार्मिक शिक्षा देने का काम भी करते हैं जिसके तहत रोजा नमाज़ ज़कात हज मां बाप के हुकूक के अलावा दुनियावी जिंदगी के बारे में भी बताते हैं। इसके आलावा इनके मेंबर मदनी काफिला आयोजित कर एक दूसरे शहर या कस्बों में जाकर कुछ दिन क़याम करते हैं और लोगों को इस्लाम की तालीम और सुन्नतों की जानकारी देते हैं। साथ ही मेडिकल कैंप, रक्तदान, वृक्षारोपण, जरूरतमंदों को या गरीब या अनाथ मय्यत को कफ़न दफ़न भी करवाते हैं।




