छत्तीसगढ़

पुलिस कमिश्नर रायपुर का पहला दंडाधिकारी आदेश

ADs

रायपुर। शहर में नाबालिकों और युवाओं के बीच नशे की प्रवृत्ति में वृद्धि को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ज्ञापन, सामाजिक संगठनों और आमजन से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि नाबालिक और युवा चरस, गांजा जैसे मादक पदार्थों का सेवन करने के लिए रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल का उपयोग कर रहे हैं। इन उत्पादों में ताईटेनियम ऑक्साइड, पोटैशियम नाइट्रेट, आर्टिफिशियल डाई, कैल्शियम कार्बोनेट और क्लोरिन ब्लीच जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। यह देखा गया है कि यह उत्पाद पान की दुकानों, किराने/परचून दुकानों, चाय की दुकानों, कैफे और रेस्टोरेंट जैसी सहज उपलब्ध जगहों पर आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे नाबालिगों और युवाओं तक इनकी पहुँच सरल हो गई है। इन उत्पादों की बढ़ती बिक्री और उपयोग से न केवल नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, बल्कि इसके कारण नशे में की जाने वाली अपराधिक गतिविधियों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। यह स्थिति न केवल नाबालिगों के स्वास्थ्य के लिए, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और जन-जीवन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने दिनांक 21 जनवरी 2026 को एक अधिसूचना जारी की है (File No. ESTB/16548/2025-0/0 DEPUTY SECRETARY (HOME)), जिसके तहत पुलिस आयुक्त को रायपुर नगरीय क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदान की गई शक्तियों के प्रयोग की अनुमति दी गई है।

इस आदेश के अनुसार, रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल के विक्रय को पान की दुकानों, किराने/परचून दुकानों, चाय की दुकानों, कैफे और रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यह आदेश 29 मार्च 2026 तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे वापस नहीं लिया जाता। आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय की कमी के कारण यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। फिर भी कोई भी व्यक्ति, संस्था या पक्ष इस आदेश में किसी प्रकार की छूट या शिथिलता चाहता है, तो वह अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष आवेदन कर सकता है। आवेदन पर समुचित सुनवाई और विचारोपरांत आदेश पारित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button