क्रोशिया आर्ट में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

रायपुर। संस्कृति विभाग के तत्वाधान में आकार 2026 का आयोजन 25 मई से 9 जून तक घासीदास संग्रहालय में किया जा रहा है जिसमें बच्चे , युवा व बुज़ुर्ग भी 20 से अधिक विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है, ऐसी ही एक विधा है क्रोशिया जिसमें कला गुरू सीमा रायज़ादा द्वारा 70 युवाओं को ट्रेडी मोबाइल बैग ,टी कोस्टर ,लेडीज़ बैग ,की चेन , खिलौने आदि बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जो रोजगारन्मुखी है भविष्य में युवा इन आइटमों को विक्रय कर सकते है। क्रोशिया से बने सामानों की मांग महानगरों में बढ़ रही है और आनलाइन पोर्टल में विभिन्न आइटम विक्रय हेतु उपलब्ध है।
गौरतलब है कि क्रोशिया आर्ट (Crochet) एक प्राचीन और बेहद लोकप्रिय हस्तकला है, जिसमें एक विशेष हुक (Crochet Hook) और धागे या ऊन की मदद से खूबसूरत बुनाई और डिज़ाइन बनाए जाते हैं। यह कला अपने आप में अद्वितीय है क्योंकि इसमें हर फंदे और गाँठ को हाथ से बुनकर विभिन्न आकृतियां और उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
क्रोशिया में आम तौर पर एक समय में एक ही फंदा (Stitch) खुला रहता है। हुक की मदद से धागे को फंसाकर चेन बनाई जाती है। इसके मुख्य टांके सिंगल क्रोशिया, डबल क्रोशिया और स्लिप स्टिच होते हैं। पुराने समय में महिलाएं घर में ही क्रोशिया से घर की जरूरत की बहुत चीजें उपयोग के लिए बनाते थे लेकिन बदलते समय में यह विलुप्त होती गई थी लेकिन संस्कृति विभाग के तत्वाधान में फिर से इसे युवाओ को ट्रेनिंग दी जा रही है।




