छत्तीसगढ़

मस्जिद-ए-नबवी : इश्क़-ए-रसूल ﷺ और रहमतों का मुक़द्दस मरकज़

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अल्लाह पाक का शुक्र है इस मुबारक मस्ज़िद में 40 नमाजें पढ़ने का सर्फ हासिल हुआ। दुनिया के हर मुसलमान को इस मुबारक मस्ज़िद में नमाज़ पढ़ने की तौफीक अता फरमाए…आमीन मस्जिद-ए-नबवी इस्लाम की सबसे मुबारक मस्जिदों में से एक है। इसकी तामीर खुद हुजूर अकरम हजरत मुहम्मद मुस्तफा स अ व ﷺ ने अपने मुबारक हाथों से करवाई थी। यह मस्जिद हिजरत के तुरंत बाद मदीना में बनाई गई थी।मस्जिद-ए-नबवी की पहली तामीर कब हुई:मस्जिद-ए-नबवी की पहली तामीर 1 हिजरी यानी लगभग 622 ईस्वी में हुई। जब हुज़ूर अकरम ﷺ मक्का से हिजरत करके मदीना पहुंचे, तो सबसे पहला बड़ा काम मस्जिद की तामीर का किया गया। जमीन किसकी थी:जिस जगह मस्जिद बनाई गई, वह दो यतीम बच्चों — सहल और सुहैल — की जमीन थी। वहाँ खजूर सुखाए जाते थे और एक हिस्सा पुरानी कब्रों का भी था।हुज़ूरअकरम ﷺ ने वह जमीन तोहफे में लेने से इंकार किया और उसकी कीमत अदा करके खरीदा। तामीर किसने करवाई:मस्जिद की तामीर खुद Prophet Muhammad ﷺ ने करवाई और सहाबा-ए-किराम ने मिलकर इसमें हिस्सा लिया।इन महान सहाबा ने भी मेहनत की:Abu BakrUmar ibn al-KhattabUthman ibn AffanAli ibn Abi TalibAbu Ayyub al-Ansari रदी अल्लाहु अन्हुरसूलुल्लाह ﷺ खुद ईंटें और पत्थर उठाते थे। सहाबा ने अर्ज़ किया कि हम उठा लेते हैं, मगर आप ﷺ ने भी मेहनत में हिस्सा लिया। मस्जिद कैसी बनाई गई थी:शुरुआत में मस्जिद बहुत सादा थीदीवारें कच्ची ईंटों और मिट्टी की थींखंभे खजूर के तनों से बने थेछत खजूर की डालियों और पत्तों से बनाई गई थीफर्श मिट्टी और रेत का थाबारिश में पानी अंदर आ जाता थामस्जिद का आकार लगभग 30 × 35 मीटर था। मस्जिद बनने में कितना समय लगा?मस्जिद की पहली तामीर में लगभग 7 से 8 महीने लगे। मस्जिद का इस्तेमाल किन कामों के लिए होता था?मस्जिद-ए-नबवी सिर्फ नमाज़ की जगह नहीं थी। यह:इबादत का केंद्रइल्म सीखने की जगहइस्लामी फैसलों का मरकज़मेहमानों के ठहरने की जगहगरीब सहाबा (अस्हाब-ए-सुफ्फ़ा) का ठिकाना भी थी। पहली बार वसी कब हुआ?7 हिजरी में, ग़ज़वा-ए-खैबर के बाद मुसलमानों की संख्या बढ़ गई, तो मस्जिद का पहला वसी किया गया।इस विस्तार के लिए जमीन Uthman ibn Affan रदी अल्लाहु अन्हु ने खरीदी और पेश की। बाद में किन लोगों ने वसी कराया?समय के साथ कई इस्लामी हुक्मरानों ने मस्जिद का वसी कराया:Umar ibn al-KhattabUthman ibn Affan Radi ALLAHU ANHUउमय्यद खलीफा Al-Walid Iअब्बासी और उस्मानी सल्तनतआधुनिक दौर में Saudi Arabia की हुकूमत।आज मस्जिद-ए-नबवी लाखों नमाज़ियों को एक साथ समेट सकती है।अल्लाह ताआला दुनिया के तमाम मुस्लिमों को इस मुबारक मस्ज़िद में नमाज़ पढ़ने की तौफीक अता फरमाए

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