प.बंगाल SIR: लाखों मतदाताओं को राहत, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ममता हुई खुश

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है, जिसको लेकर ममता बनर्जी काफी खुश हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली लाखों मतदाताओं को राहत : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग से पहले एसआईआऱ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अपने फैसले में कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए तय किया है कि चुनाव से पहले ठीक पहले तक, अपीलीय ट्रिब्यूनल से मंजूरी पाने वाले लोगों को भी चुनाव में मतदान का अधिकार दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर सीएम ममता बनर्जी ने खुशी जताई है।दरअसल, एसआईआर के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह बात स्पष्ट की है कि जिन लोगों के नाम अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा चुनाव से दो दिन पहले तक भी मंजूर किए जाएंगे, उन सभी लोगों को विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी।चुनाव आयोग को दिया निर्देश: इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतदान से दो दिन पहले यानी 21 अप्रैल या 27 अप्रैल 2026 तक अपीलीय आदेशों को लागू करते हुए एक सप्लिमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की जाए, पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी की जाए जिससे देश के योग्य नागरिकों को बंगाल चुनाव में मतदान से वंचित न होना पड़े।‘चुनावी प्रक्रिया बाधित न हो सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल एसआईआर मामले में सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा की गई यह पूरी जांच प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण रही है, जिसे कम समय में पूरा करना एक वास्तविक रूप से कठिन कार्य था। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अपीलीय स्तर पर आपत्तियों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को दोबारा खोलने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया बाधित न हो।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने अधिकारों की पुनः प्राप्ति के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पहले चरण के लिए एक पूरक मतदाता सूची 21 अप्रैल को जारी की जाएगी।ममता ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत करने वाला फैसला सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इसी आधार पर उनके कार्यकर्ता रात तक फॉर्म भरकर यह सुनिश्चित करेंगे कि योग्य लोग मतदान से वंचित न रहें। कुछ ऐसा ही दूसरे चरण की वोटिंग से पहले 27 अप्रैल को भी होगा। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस फैसले से बेहद संतुष्ट और गौरवान्वित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस मामले में लड़ाई लड़ी और आज आए फैसले से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि आज वे सबसे ज्यादा खुश हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत करने वाला है।‘अब एहसास हो रहा कि हम सिर्फ वोट बैंक हैं’ नाम कटने से नाराज मुस्लिम मतदाता। पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 27 लाख लोगों की अपील पर सुनवाई के लिए बनाए गए 19 न्यायाधिकरण जल्द काम शुरू करेंगे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस मामले में 7 लाख से ज्यादा अपीलें दायर हो चुकी हैं। बंगाल के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी संख्या में मत हटाए गए हैं। इस सबके बीच जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं वो सभी परेशान हैं।




