पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मदीना में मस्जिद-ए-नबवी जाकर रौजा ए रसूल की जियारत की

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मदीना में मस्जिद-अल-नबवी का दौरा किया है। सऊदी अरब के अपने दौरे के दौरान शहबाज शरीफ बुधवार रात मदीना पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष तौर पर रौजा-ए-रसूल के दरवाजे खोले गए। इसे सऊदी अरब की ओर से शहबाज शरीफ के लिए विशेष सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि चुनिंदा लोगों को ही पैगंबर मोहम्मद साहब स अ व से जुड़ी इस विशेष जगह को देखने की इजाजत दी जाती है।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गुरुवार को बताया गया है कि शहबाज शरीफ को मस्जिद-ए-नबवी में रौजा-ए-रसूल की जियारत का सम्मान प्राप्त हुआ। शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और दूसरे सऊदी नेताओं से मुलाकात के बाद मस्जिद का दौरा किया। इस मौके को उन्होंने खास पल बताया और मदीने से वह कतर के लिए निकल गए। रौजा-ए-रसूल वह जगह है, जहां पैगंबर मोहम्मद की कब्र मुबारक है। यह मस्जिद-ए-नबवी के उस हिस्से में स्थित है, जिसे ‘रौजा-ए-शरीफ’ के नाम से जाना जाता है। इसी जगह पैगंबर साहब स अ व ने दुनिया ए फानी से आखिरी सांस ली थी। मुस्लिमों के बीच इस जगह को लेकर बहुत श्रद्धा है। इस क्षेत्र को देखना मुस्लिमों के एक बड़े तबके के बीच खुशकिस्मती माना जाता है।रौजा-ए-शरीफ को उसके हरे कालीन से पहचाना जा सकता है, जो मस्जिद के बाकी हिस्सों में बिछे लाल कालीन के उलट है। ऐसा माना जाता है कि यहां अगर सच्चे दिल से दुआ की जाती है तो वह जरूर कबूल हो जाती हैं। दुनियाभर से मदीना और मस्जिद-ए-नबवी जाने वाले मुस्लिमों की ये ख्वाहिश होती है कि उनको इस जगह नमाज पढ़ने का मौका मिले।

